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Chhattisgarh
Raipur Raipur कांकेर/बांदे. जिले के नक्सल प्रभावित बांदे क्षेत्र में रविवार शाम 5 बजे नक्सलियों ने एसपी और कलेक्टर के काफिले पर हमला किया। नक्सलियों ने बारूदी सुरंग में विस्फोट कर काफिले की एक जीप उड़ा दी, जिसमें दो जवान बुरी तरह घायल हो गए। नक्सलियों और पुलिस के बीच करीब आधे घंटे तक जमकर फायरिंग हुई।
ग्राम सितरम में थाना खोलने का प्रस्ताव 1991 से लंबित है। कांकेर कलेक्टर केआर पिस्दा, एसपी रतनलाल डांगी के साथ पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी थाने के लिए उपयुक्त स्थान देखने सितरम गए थे। लौटते समय छोटे बेठिया मार्ग पर घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने उनको निशाना बनाने की कोशिश की। बारूदी विस्फोट की चपेट में आकर जीप का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
एसपी रतनलाल डांगी ने बताया कि विस्फोट के बाद जवानों ने मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग की। गोलीबारी के बीच नक्सली भाग निकले। इलाके की सर्चिग में पुलिस ने टिफिन बम, तार बरामद किया। विस्फोट से जीप में बैठे सशस्त्र बल के कुलेश्वर वर्मा, जिला पुलिस बल के जागेश्वर बारले घायल हो गए। कुलेश्वर को प्राथमिक उपचार के बाद भिलाई रिफर किया गया। जागेश्वर का कांकेर जिला अस्पताल में उपचार किया जा रहा है।
17 साल बाद भी न खुला थाना
धुर नक्सली इलाका सितरम बांदे से करीब 27 किमी दूर है। इसे अबूझमाड़ का प्रवेश द्वार माना जाता है। ब्रिटिश शासनकाल में यहां थाना हुआ करता था, जिसे आजादी के पहले सन् 1945 में बंद कर दिया गया। बढ़ती नक्सली गतिविधियों को देखते हुए अविभाजित मध्यप्रदेश के समय 1991 में यहां थाना खोलने स्वीकृति दी गई। यह थाना आज तक नहीं खुल पाया।
सितरम के अलावा कांकेर जिले में कोड़ेकुर्से, चारगांव में थाना और दमकसा, हल्बा में पुलिस चौकी खोलने को मंजूरी मिल चुकी है। नक्सलियों के आतंक के कारण यहां भी थाना और चौकी को शुरू नहीं किया जा सका है।