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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. पेंड्रा एवं मरवाही तहसील के प्रायमरी एवं मिडिल स्कूलों में इस साल गर्मी की छुट्टियों में भी मध्याह्न् भोजन बनेगा। सूखाग्रस्त घोषित होने के कारण शासन ने इन तहसीलों में 1 मई से 15 जून के बीच भी छात्रों को मध्याह्न् भोजन वितरित करने का निर्णय लिया है।
स्कूल में पढ़ाई के बदले मध्याह्न् भोजन पाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए शासन का निर्णय सोने पे सुहागा साबित होगा। गर्मी की छुट्टियों में पेंड्रा व मरवाही तहसील के प्रायमरी एवं मिडिल के बच्चे स्कूल तो जाएंगे, लेकिन वहां उन्हें पढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी।
धमा-चौकड़ी और मौज-मस्ती के बीच वे भरपेट मध्याह्न् भोजन का आनंद उठाकर वापस घर लौट आएंगे। यह योजना राज्य में केवल दो जिलों में ही लागू होगी, जिसमें कोरिया जिले के मनेंद्रगढ़, बैकुंठपुर एवं सोनहत तहसील को भी शामिल किया गया है। इससे इन क्षेत्रों में आने वाले स्कूलों को भी मध्याह्न् भोजन निर्माण से छुटकारा नहीं मिल सकेगा।
योजना दो जिलों की पांच तहसीलों में
बारिश की कमी से फसल कमजोर होने के कारण राज्य शासन ने इस साल राज्य के बिलासपुर जिले के पेंड्रा व मरवाही तहसील एवं कोरिया जिले के मनेंद्रगढ़, बैकुंठपुर एवं सोनहत तहसील को अकालग्रस्त घोषित किया है।
इसी के तहत इन तहसीलों के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों के लिए यह निर्णय लिया गया है। अप्रैल के अंत तक सभी कक्षाओं की परीक्षा समाप्त होते ही छात्रों की गर्मी की छुट्टियां प्रारंभ हो जाती हैं।
छुट्टी शुरू होने के साथ ही स्कूलों में मध्याह्न् भोजन का निर्माण भी बंद हो जाता है। अकालग्रस्त घोषित क्षेत्रों को छोड़कर किसी भी स्कूल में इस अवधि में मध्याह्न् भोजन नहीं बनेगा।