नई दिल्ली. तमाम दिक्कतों से रूबरू होने वाली नौकरीपेशा महिलाओं के जुझारूपन की तारीफ करते हुए छठे वेतन आयोग ने उनके कामकाजी समय को लचीला बनाने की सिफारिश की है, ताकि वे बच्चों पर पर्याप्त ध्यान दें सकें। सरकार ने यदि इन सिफारिशों को हूबहू लागू किया तो नौकरीपेशा महिलाओं को देर से ऑफिस जाने या फिर थोड़ा जल्दी घर आने की छूट मिल जाएगी।
पूरी ड्यूटी करनी होगी : वेतन आयोग के अध्यक्ष जस्टिस बीएन श्रीकृष्ण का कहना है कि नौकरीपेशा महिलाओं के लिए यह जरूरी नहीं कि वे 9:30 बजे ऑफिस आएं और 5:30 बजे वापस जाएं। वे अपनी सुविधा के अनुसार देर से ऑफिस आ सकती हैं या फिर जल्दी घर जा सकती हैं, लेकिन उन्हें ड्यूटी पूरी करनी होगी, यानि देर से आने पर देर तक ड्यूटी। आयोग ने महिलाओं, बाबुओं और सरकारी स्टाफ में छोटे ओहदे वालों के वेतन में 40 फीसदी तक बढ़ोतरी की सिफारिश भी की है।
टैक्स वसूली से मिलेगी मदद : वेतन आयोग का मानना है कि आने वाले वर्र्षो में टैक्स राजस्व के संकलन में वृद्धि से मिलने वाली वित्तीय मजबूती छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने में अधिकांश राज्यों की मदद करेगी। आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘आने वाले वर्र्षो में राज्यों के राजस्व में वृद्धि की संभावना है। खासकर टैक्स की वसूली से, जिसके कारण अधिकांश राज्य आयोग की सिफारिशों को लागू करने की स्थिति में होंगे।’