इंदौर. डीएमई के सालाना एमवायएच भ्रमण के दौरान कई खामियां सामने आईं। ओपीडी से डॉक्टर नदारद पाए गए और कर्मचारी कई बातों के जवाब नहीं दे पाए। डीएमई डॉ. वी.के. सैनी मंगलवार सुबह अस्पताल पहुंचे। सबसे पहले डॉक्टरों का उपस्थिति रजिस्टर देखा जिसमें कई के हस्ताक्षर नहीं थे।
ओपीडी में पहुंचे तो ज्यादातर कैबिन खाली मिले। उन्होंने सर्जरी विभाग के डॉ. डी.के. जैन के नाम के आगे नोट लगा दिया। जगह-जगह गंदगी पर उन्होंने नाराजगी जताई और डीन डॉ. अशोक वाजपेयी व अधीक्षक डॉ. सी.वी. कुलकर्णी से गंदगी फैलाने वालों से जुर्माना वसूलने को कहा। मातृत्व सुरक्षा योजना में मिले 50 लाख रुपए अब तक खर्च न कर पाने पर भी नाराजगी जताई।
>> स्थिति पहले से बेहतर
डीएमई डॉ. सैनी ने कहा एमवायएच की स्थिति पहले से बेहतर हुई है। विकास का दौर चल रहा है। चार-छह महीने में फर्क नजर आने लगेगा। फंड की कमी नहीं है। अतिरिक्त बजट दिया गया है। हमारा ध्यान प्राथमिक सुविधाओं पर है। डॉक्टर और स्टाफ का व्यवहार कानून से नहीं सुधर सकता। कार्रवाई से भी सुधार की गुंजाइश कम ही होती है।