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तीनों हमलावर गिरफ्तार

इंदौर. धुलेंडी की रात लूट की नीयत से खूनखराबा कर दो लोगों को मौत के घाट उतारने तथा छह लोगों पर हमला करने वाले तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। तीनों ही नशे के आदी हैं। इनसे वारदात में प्रयुक्त चाकू, लूटा गया मोबाइल नकदी बरामद किए हैं।

आरोपियों के नाम राजकुमार उर्फ ललित पिता कन्हैयालाल यादव, कालू उर्फ ललित पिता श्यामलाल व राजू उर्फ गांधी पिता सुंदरलाल तीनों निवासी भागीरथपुरा हैं। एसपी अंशुमान यादव के मुताबिक घटना वाली रात जब इंद्रपुरी में कांता सुंदरानी को घायल करने के बाद आरोपियों ने एक अपंग व्यक्ति को टक्कर मारी। उसने बाइक का नंबर देख पुलिस को सूचना दी।

डेंटल कॉलेज की घटना के बाद भी लोगों ने बाइक का नंबर नोट कर पुलिस को सूचना दी। बाइक के नंबर से राजकुमार के घर का पता मिला। जहां से पुलिस ने बाइक जब्त की। उसके पिता कन्हैयलाल ने बताया राजकुमार बाइक लेकर कुछ देर पहले ही लौटा था। कहासुनी होने पर वह घर से चला गया।

इस बीच पुलिस को पता चला कि घटना वाली रात वह अपने दोस्त कालू और राजू के साथ था। इस पर पुलिस ने राजू के घर दबिश दी तो वह नहीं मिला। कालू के बारे में पता चला कि वह लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन गया है और भागने की फिराक में है तो पुलिस वहां पहुंची और उसे गिरफ्तार किया। उसने कबूला कि सभी वारदातें तीनों ने की है।

राजकुमार के बारे में पता चला कि वह अहमदाबाद स्थित अपने भाई सुनील के सुसराल पाश्र्वनाथ टाउनशिप गया है और वहां उसका किसी लड़की से चक्कर है। इस पर पुलिस दल अहमदाबाद गया और उसे गिरफ्तार किया। उधर, राजू के बारे में पता चला कि वह अपने रिश्तेदार के यहां गुना गया है। पुलिस दल वहां गया तब तक वह बीनागंज से देवास चला गया। इस पर पुलिस देवास पहुंची और उसे गिरफ्तार किया।

लूट की नीयत से की वारदातें

एसपी अंशुमान यादव के मुताबिक तीनों नशे के आदी है। इसमें राजकुमार मुख्य आरोपी है जो नाइट्रावेट का सेवन करता है। घटना वाली रात उसने नाइट्रावेट का सेवन किया था। रात को तीनों परदेशीपुरा स्थित कलाली पहुंचे और जमकर शराब पी। इसके बाद तीनों राजकुमार की बाइक (एमपी-09 एमजे 8134) पर सवार होकर निकले और वारदातें कीं।

एक बाइक पर, दूसरा तलाशी व तीसरा हमला करता था

वारदात के दौरान कालू बाइक स्टार्ट रखता था जबकि राजू तलाशी लेता था और राजकुमार चाकू से हमला करता था। सभी वारदातों में हमले राजू ने ही किए। स्कीम नं. 51 में दूसरी वारदात करने के बाद वे देवास नाका पर एक ढाबे पर भोजन करने पहुंचे लेकिन वह बंद था। इस पर उन्होंने कुछ ही दूर एक दुकान से शराब व बीयर लेकर पी और फिर इंद्रपुरी में वारदात की। अन्नपूर्णा रोड पर आखिर वारदात करने के बाद वे सरवटे बस स्टैंड पहुंचे और भगवती होटल में खाना खाया व घर चले गए। राजकुमार पिता से विवाद होने के बाद घर से चला गया जबकि राजू दूसरे दिन गुना रवाना हो गया।

तीन-तीन रुपए में खरीदते थे नाइट्रावेट की गोलियां

पुलिस ने राजकुमार द्वारा नाइट्रावेट के सेवन की बात कही है जबकि वह दोनों साथियों को भी इसमें लिप्त बता रहा है। उसने कबूला कि वे बाणगंगा स्थित कल्पतरू मेडिकल स्टोर्स से तीन-तीन रुपए में बगैर डॉक्टर के पर्ची के नाइट्रावेट की गोलियां खरीदते थे।

हम दोषी हैं, हमें चौराहे पर गोलियों से छलनी कर दो

तीनों एक-दूसरे पर चाकू मारने के आरोप लगाते रहे। उन्होंने कहा कि नशा करने के बाद हमें होश ही नहीं रहा। हम बस वारदातें करते चले गए लेकिन यह लूट के लिए नहीं किया। दूसरे दिन जब हमारा नशा उतरा तो मीडिया से पता चला कि हमसे दो खून के साथ छह लोग घायल हो गए हैं तो हम डर गए और पुलिस से बचते रहे। राजकुमार ने कहा कि हमारी मति भ्रष्ट हो गई थी और घर आकर मैंने पिता को सारी बातें बता दी थी। कालू ने कहा कि हमने बेकसूरों को मारा है, हम इसके लिए दोषी है। हमें सरेआम चौराहे पर गोलियों से छलनी कर दो। यही हमारी सजा है।

भागीरथपुरा में चला गुंडा अभियान सवालिया

पिछले दिनों पुलिस ने भागीरथपुरा में गुंडा विरोधी अभियान चलाकर कई गुंडों को पकड़ा था। उस दौरान ये तीनों पुलिस की गिरफ्त से कैसे बचे? इस बात को लेकर भी सवाल उठे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि पुलिस की दबिश देते ही तीनों भाग गए थे।

ये थी पकड़ने वाली टीम

एडीशनल एसपी महेशचंद जैन, सीएसपी गिरीश सूबेदार, संजयसिंह, बी.जे. सालुंके, शैलेंद्रसिंह, टीआई आरएल भदौरिया, एसएस भदौरिया, एसपी दुबे व अन्य पुलिसकर्मी।





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