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‘लहारपुर’ में बाटनिकल गार्डन

भोपाल. garवन विभाग द्वारा विकसित किए जाने वाले विश्व स्तरीय बाटनिकल गार्डन (वानस्पतिक उद्यान) के लिए स्थान का चयन कर लिया गया है। गार्डन शहर से करीब 15 किमी. दूर लहारपुर वन क्षेत्र में विकसित किया जाएगा।

वानस्पतिक उद्यान को करीब 200 हेक्टेयर में बनाया जाएगा। प्रदेश में पहली बार इतने बड़े स्तर पर बाटनिकल गार्डन बनाया जा रहा है। गार्डन में प्रदेश में पाए जाने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। इसका मकसद छात्र-छात्राओं को पेड़-पौधों के बारे में शिक्षित करना और लोगों को पौधों के उपयोग के बारे में जानकारी उपलब्ध कराना है।

जानकारी के मुताबिक पिछले दिनों वन विभाग के अधिकारियों ने लहारपुर क्षेत्र का दौरा कर गार्डन के लिए जमीन को हरी झंडी दे दी। जल्द ही वन विभाग के अधिकारियों के दल ऊंटी के वानस्पतिक उद्यान और दिल्ली के बायोडायवर्सिटी पार्क का अध्ययन करने जाएंगे। इसके बाद वे यहां आकर वानस्पतिक उद्यान विकसित करने के संबंध में सुझाव देंगे। साथ ही गार्डन की विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने के लिए अंततरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों की सेवाएं ली जाएंगी।

वैली ऑफ फ्लावर्स बनेगी-वन विभाग द्वारा इसी स्थान पर ‘वैली ऑफ फ्लावर्स’ विकसित करने का फैसला किया गया है। इसमें फूलों की विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। रंग-बिरंगे फूलों के बीच लोगों के घूमने-फिरने व बैठने की व्यव्स्था होगी।

लहारपुर में प्रस्तावित बाटनिकल गार्डन के लिए जमीन का चयन कर लिया गया है। प्रदेश में इतने बड़े स्तर पर पहली बार गार्डन विकसित होगा। एक-दो दिन में विभाग के अधिकारियों के दल ऊंटी और दिल्ली जाएंगे।
- वीआर खरे प्रधान मुख्य वन संरक्षक

क्या होता है बाटनिकल गार्डन

बाटनिकल गार्डन में विभिन्न प्रजातियों के पौधों को उगाया जाता है, ताकि स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थी उनका अध्ययन कर सकें। खासकर किसी क्षेत्र विशेष में पाए जाने वाले सभी प्रजातियों के पेड़-पौधों को गार्डन में लगाया जाता है। उदाहरण के तौर पर मध्य प्रदेश में पाए जाने वाले विभिन्न प्रजातियों के पौधों को गार्डन में लगाया जाएगा।





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