भोपाल.
शहर से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के डिवाइडर पर स्पड लैंप लगाए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग (राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग) अगले माह से इसकी शुरुआत करने जा रहा है। चार लाख की लागत से 320 लैंप लगाने का यह काम एक माह में पूरा हो जाएगा। लंप के लगने के बाद रात में डिवाइडर से टकरा कर होने वाली दुर्घटनाएं कम होंगी।
यातायात विशेषज्ञ मानते हैं कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने डिवाइडर सड़क दुर्घटना का एक बड़ा कारण है। इन डिवाइडरों से सबसे ज्यादा परेशानी शाम के बाद होती है। अनेक स्थानों पर स्ट्रीट लाइट नहीं होने से ये डिवाइडर दिखाई नहीं देते और लोग वाहन डिवाइडर पर चढ़ा देते हैं। कुछ जगहों पर सड़क के किनारे लाइट लगी होने से उसकी रोशनी डिवाइडर तक नहीं पहुंच पाती। ऐसे में वाहन चालकों की आंखों पर सामने से आ रही गाड़ियों की रोशनी पड़ते ही वे नियंत्रण खो बठते हैं और डिवाइडर से टकरा जाते हैं।
इन दुर्घटनाओं को रोकने पीडब्ल्यूडी (राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग) राजधानी के बीच से गुजरने वाले जयपुर-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर विशेष प्रकार के लंप लगाने जा रहा है। बताया जाता है कि भोपाल-सीहोर मार्ग पर इस लैंप को लगाने के बाद दुर्घटना में आई कमी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
फुटपाथ भी बनेगा
विभाग द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग डबल लेन रोड किनारे दोनों तरफ फुटपाथ बनाया जाएगा। कुछ जगहों पर फुटपाथ के ऊपर टेश टाइल्स लगाई जाएगी। यह फुटपाथ राजधानी में प्रगति पेट्रोल पंप, पुल बोगदा, रायल मार्केट आदि क्षेत्र में करीब दो सौ मीटर तक बनाया जाएगा। लैंप लगाने का कार्यादेश जारी हो गया है। मई तक काम पूरा होने की संभावना है।
-एके सिंह, अधीक्षण यंत्री, लोकनिर्माण विभाग (राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग)
कहां कितने लैंप लगेंगे
हबीबगंज नाके से मिसरोद -- 200
प्रभात पेट्रोल पंप से आनंद नगर -- 100
आशाराम चौराहा से ब्यावरा रोड -- 20
कुल: 320
क्या है स्पड लैंप
लैंप पर रेडियम की रोटरों रिफेक्टिव एक प्लास्टिक लगी होती है। जो वाहन की लाइट की रोशनी पड़ते ही चमकने लगती ह। जिसे वाहन चालकों को डिवाइडर का पता चल जाता है।
कैसे काम करेगा लैंप
रोड डिवाइडर पर लगने वाले यह लैंप वाहन की लाइट पड़ते ही जगमगा उठेंगे। यह रोशनी इतनी अधिक होगी कि वाहन चालक को रोड डिवाइडर के साथ सड़क की स्थिति भी नजर आ जाएगी।