भोपाल.
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की तर्ज पर इस बार मध्यप्रदेश में नया शिक्षा सत्र एक अप्रैल से शुरू होगा। अभी तक शिक्षा सत्र एक जुलाई से शुरू होता था। मध्यप्रदेश सरकार ने मंगलवार को महत्वपूर्ण फैसला करते हुए शिक्षा सत्र में बदलाव के आदेश जारी कर दिए हैं।
अधिकृत जानकारी के मुताबिक इस बार से सभी निजी और सरकारी स्कूलों को एक अप्रैल से सत्र शुरू करने के निर्देश दे दिए गए हैं। इसमें 1 से 30 अप्रैल तक कक्षाएं संचालित होंगी। इसके बाद 1 मई से 30 जून तक ग्रीष्मावकाश रहेगा और एक जुलाई से फिर स्कूल लगेंगे। शिक्षा विभाग में लंबे समय से सीबीएसई की तर्ज पर एक अप्रैल से सत्र शुरू करने की कवायद चल रही थी। इसके लिए पिछले शिक्षा सत्र में कैलेण्डर तैयार किया गया था, लेकिन वह अब लागू हो सका है।
कार्यदिवस बढ़ेंगे:
शिक्षा सत्र में इस बदलाव से 23 शैक्षणिक दिवस बढ़ जाएंगे। शैक्षणिक कैलेण्डर बनाने वाले एक्सीलेंस स्कूल के प्राचार्य राजेश तिवारी बताते हैं कि अभी तक शैक्षणिक दिवस करीब 175 होते थे, जो अब बढ़कर करीब 200 हो जाएंगे। वहीं कार्यदिवस भी बढ़कर 244 हो जाएंगे। इसमें 200 दिन के अलावा बाकी के दिन परीक्षा-मूल्यांकन के रहेंगे।
सीबीएसई से 18 दिन अधिक:
सीबीएसई में वर्तमान में 182 शैक्षणिक दिवस होते हैं, लेकिन मप्र में अब 18 दिन अधिक यानी 200 शैक्षणिक दिवस रहेंगे।
1 अप्रैल-08 को कौन सी कक्षाएं-
इस साल सबसे पहले 1 अप्रैल को 10वीं और 12वीं की कक्षाएं लगेंगी। इसमें सभी विद्यार्थियों को प्रोवीजनल एडमिशन के तौर पर बैठाया जाएगा। हाईस्कूल की परीक्षा 31 मार्च को खत्म होगी, जिसके अगले ही दिन से कक्षाएं संचालित होंगी। अप्रैल में अन्य कक्षाओं की परीक्षाएं संचालित होंगी, इसलिए उनकी कक्षाएं आगामी शिक्षा सत्र से एक अप्रैल से लगेंगी।
इनका कहना-
अभी तक शैक्षणिक दिवस कम होने के कारण कोर्स अधूरा रहने की समस्या आती थी। अब 1 अप्रैल से सत्र शुरू होगा, तो शैक्षणिक दिवस बढ़ जाएंगे। इससे कोर्स समय पर पूरा होगा और शिक्षा में सुधार होगा।
- एमएम उपाध्याय, प्रमुख सचिव,मप्र स्कूल शिक्षा विभाग