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कनेक्शन लेट : जुर्माना दे डिस्कॉम

अजमेर. लोकपाल एवं संभागीय आयुक्त दीपक उप्रेती ने अजमेर डिस्कॉम के खिलाफ पेश एक महत्वपूर्ण प्रकरण में मंगलवार को व्यवस्था दी कि विद्युत कनेक्शन देने में देरी के लिए संबंधित अफसर को चार्जशीट देना उपभोक्ता के लिए कोई राहत की बात नहीं है, बल्कि कानून में तय जुर्माने के आधार पर क्षतिपूर्ति पर विचार किया जाना चाहिए।

मामला, एक नजर

अजमेर रोड, ब्यावर स्थित मैसर्स राधे टेक्सटाइल्स के भागीदार कमलेश खत्री ने 12 जून, 2006 को 32 हॉर्स पावर की मशीन लगाने के लिए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था, लेकिन सहायक अभियंता, ब्यावर ने कनेक्शन देने में चार माह से अधिक समय लगा दिया, जबकि पूर्ण आवेदन पर नियमानुसार डिमांड नोट जारी होने के एक माह के भीतर कनेक्शन दिया जाना आवश्यक है। कनेक्शन लेने के लिए फर्म को निगम के जिला स्तरीय फोरम को शिकायत करनी पड़ी। फोरम ने सहायक अभियंता (शहर प्रथम) ब्यावर को कनेक्शन करने के आदेश दिए। सहायक अभियंता ने 25 सितंबर को डिमांड नोट निकाला। फर्म ने राशि जमा करा दी और निगम ने 16 अक्टूबर, 2006 को कनेक्शन जारी कर दिया।

देरी से खफा फर्म

कनेक्शन देने में चार माह की देरी से खफा फर्म ने 9 मई, 2007 को निगम स्तरीय समिति में वाद दायर कर देरी के लिए जिम्मेदार सहायक अभियंता के खिलाफ शास्ति तय करने और राहत देने की प्रार्थना की। समिति ने सहायक अभियंता को दोषी ठहराते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए चार्ज शीट देने का निर्णय किया। जुर्माने पर कोई फैसला नहीं किए जाने पर फर्म ने लोकपाल के समक्ष अपील की।

रोड़े अटकाए

मैसर्स राधे टेक्सटाइल्स जहां शुरू होने वाली थी, उस परिसर में खत्री मिनरल्स एंड ग्राइंडिंग फर्म पहले से ही चल रही थी, जिसका अपना विद्युत कनेक्शन था। सहायक अभियंता ने रजिस्टर्ड डीड मांगी। फर्म ने बताया कि जमीन लीज किराए पर ली गई है। दस्तावेज पेश कर दिए गए। फर्म ने दोनों फर्र्मो के रास्ते अलग कर लिए, लेकिन फिर भी कनेक्शन नहीं दिया गया।

यह हुआ फैसला

लोकपाल एवं संभागीय आयुक्त दीपक उप्रेती ने अपने आदेश में लिखा कि निगम के अधीक्षण अभियंता ने कनेक्शन में देरी के लिए सहायक अभियंता को दोषी माना है, लिहाजा उसे चार्जशीट दिया जाना तो तय ही था, लेकिन इससे उपभोक्ता को तो कोई राहत नहीं मिली। राजस्थान इलेक्ट्रिसिटी रेग्यूलेट्री कमीशन (डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंस स्टैंडर्ड ऑफ परफॉर्मेन्स) रेज्यूलेशन-2003 के बिंदु संख्या 10.2 व संशोधित नियम 11 तथा इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 की धारा 43 (1) व (3) में कनेक्शन देने में देरी पर एक हजार रुपए प्रतिदिन जुर्माना देने का प्रावधान है। लिहाजा निगम इस पर निर्णय करे।





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