लंदन. अब मस्तिष्क में होने वाले बदलावों की जांच के जरिए शुरूआती दौर में ही कैंसर का पता लगाना संभव होगा।
लंदन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के अनुसार शरीर में कैंसर जनित ट्यूमर विकसित होने से पहले मस्तिष्क में मौजूद रक्त में बदलाव होते हैं। ‘मैग्नेटिक रेसोनेंस इमेजिंग’ (एमआरआई) के जरिए इन बदलावों की जांच कर कैंसर के खतरे के बारे में पता लगाया जा सकता है।
शोधकर्ता एडम वाल्डमेन के अनुसार मस्तिष्क में पैदा होने वाले ट्यूमर के कारण मस्तिष्क में नई रक्त धमनियों और कोशिकाओं का निर्माण होता है। एमआरआई की एक खास तकनीकी के जरिए कोशिकाओं के इस असाधारण विकास की जांच की जा सकती है। अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि सामान्य एमआरआई में पता लगने वाली कैंसर की स्थिति से लगभग 12 महीने पहले ही कैंसर कोशिकाओं का विकास शुरू हो जाता है।
रेडियोलॅाजी पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन में वाल्डमेन ने कहा, ‘‘हमने अध्ययन द्वारा यह दिखाया है कि ‘परफ्यूजन एमआरई’ के जरिए मरीज में कैंसर कोशिकाओं के विकास के खतरे को भांपा जा सकता है।’’