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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. मार्च का महीना खत्म होने वाला है और आयकर दाता इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के साथ ही टैक्स बचाने के लिए एक्सपर्ट्स की राय ले रहे हैं। इन दिनों शहर के सीए लोगों के रिटर्न फाइल करवाने के साथ ही उन्हें इन्वेस्टमेंट करने के लिए सलाह भी दे रहे हैं। सीए सुधीर सुरेका आयकर दाताओं को टैक्स बचाने के साथ ही अपने इन्वेस्टमेंट का सही रिटर्न प्राप्त करने के लिए कुछ इन्वेस्टमेंट टिप्स दे रहे हैं।
एजूकेशन के लिए लें लोन
धारा 80(ई) के तहत शिक्षा ऋण पर दिया गया ब्याज आयकर की गणना करने के लिए कटौती योग्य होता है। इसलिए बच्चों की अच्छी व उच्च शिक्षा के लिए जहां तक हो सके यह ऋण लेना चाहिए।
होमलोन भी है फायदेमंद
धारा 24 के अंतर्गत होम लोन पर डेढ़ लाख रुपए तक का ब्याज आयकर की गणना करने के लिए कटौती योग्य होता है। इसलिए अपने घर का सपना पूरा करने के लिए बैंक से आसानी से ऋण लिया जा सकता है। इन दो स्कीमों के अलावा धारा 80(सी) के तहत विभिन्न मदो में पैसा इन्वेस्ट करने पर एक लाख रुपए तक की छूट का फायदा उठाया जा सकता है। यह मद इस प्रकार हैं-
एलआईसी
वर्तमान समय में पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर की जीवन बीमा पॉलिसी की डिमांड खूब है। वैसे एलआईसी पॉलिसी मुख्यत: उन लोगों को लेनी चाहिए जो अपने परिवार की सुरक्षा के प्रति ज्यादा सजग हैं और जो भविष्य को सुरक्षात्मक बनाने के साथ ही रिटर्न ऑफ इन्वेस्टमेंट की ज्यादा चिंता नहीं करते।
म्युचुअल फंड
इसमें तीन साल का लॉकइन पीरियड होता है। इसमें होने वाली इनकम टैक्स फ्री होती है। इसका रिटर्न ऑफ इन्वेस्टमेंट भी अन्य की तुलना में बेहतर होता है। जो लोग ज्यादा कमाई करने के साथ थोड़ा रिस्क ले सकते हैं उनके लिए म्यूचुअल फंड में निवेश अच्छा आप्शन है। यंग जनरेशन में तो यह खूब डिमांडेबल है।
बैंक एफडीआर
इसमें पांच साल का लॉकइन पीरियड होता है। एफडीआर के ब्याज पर इनकम टैक्स देना होगा। जो लोग बिल्कुल सुरक्षित इन्वेस्टमेंट करना चाहते हैं उनके लिए यह अच्छा रास्ता है।
एनएससी
इसका छह साल का लॉकइन पीरियड होता है। इसके ब्याज पर भी इनकम टैक्स देना होता है। वर्तमान में एनएससी की बिक्री पहले की तुलना में कम हुई है।
गृह ऋण
गृह ऋण के मूलधन के भुगतान पर आयकर की छूट मिलती है। और फिर आजकल प्रोपर्टी की कीमतें आसमान छू रही हैं। इसलिए इस स्कीम का फायदा उठाना समझदारी भरा कदम होगा।
शिक्षा ऋण
आयकर विभाग ने देश का भविष्य माने जाने वाले बच्चों की पढ़ाई के लिए ट्यूशन फीस पर छूट प्रदान की है। इसलिए बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए शिक्षा ऋण लेना फायदेमंद साबित हो सकता है।
पीपीएफ
पब्लिक प्रोवीडेंट फंड बहुत ही सुरक्षित इन्वेस्टमेंट माना जाता है। इसमें 8 प्रतिशत की दर से निश्चित ब्याज मिलता है। इसका लॉकइन पीरियड बहुत लंबा होता है इसलिए अधिकतर नवयुवक इसमें इन्वेस्ट करने से बचते हैं।