HomeNewsChhattisgarhRaipur Raipur

गर्म पानी से बनेगी 50 मेगावाट बिजली

रायपुर. जियो थर्मल (भू तापीय ऊर्जा) तकनीक से बिजली पैदा होगी। अगले महीने 11 तारीख को टेंडर खोले जाएंगे। सरगुजा जिले के रामानुजगंज ब्लाक के तातापुर में प्राकृतिक रूप से गर्म पानी का स्रोत है। सल्फर की मात्रा अधिक होने के कारण यहां के पानी का तापमान करीब 115 डिग्री सेल्सियस है। इतने तापमान पर सीधे बिजली पैदा की जा सकती है।

जानकारों का मानना है कि पानी की उपलब्धता को देखते हुए 50 मेगावाट पावर जनरेशन हो सकता है। खास बात यह है कि इससे पर्यावरण को भी किसी प्रकार का खतरा नहीं है। इस विधि से बिजली बनाने न तो कोयले की जरूरत पड़ेगी और न ही धान के भूसे की।

उत्पादन के लिए पानी प्राकृतिक रूप से स्टीम होकर मिलेगा। प्लांट में केवल मेंटनेस का खर्चा आएगा। जिससे बिजली की लागत काफी कम आएगी। अनुमान है कि 40-45 पैसे की लागत से एक यूनिट बिजली पैदा होगी।

कंपनियों ने दिखाई रुचि
राज्य अक्षय ऊर्जा अभिकरण ने एक माह पहले इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर बुलाया था। टाटा,रिलायंस अपोलो समेत आधा दर्जन कंपनियों ने निविदा जमा की है। 11 अप्रैल को टेंडर खुलने के बाद ठेका दिया जाएगा। इस दिन कंपनियां प्रोजेक्ट के बारे में प्रेजेटेंशन भी देंगी। राज्य सरकार ज्यादा से ज्यादा रायल्टी देने व इंवेस्टमेंट करने वाले को प्राथमिकता देने पर विचार कर रही है। अप्रैल आखिर तक टेंडर प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है।

योजना काफी पहले की
गर्म पानी से बिजली पैदा करने की योजना काफी पहले तैयार की गई थी। सरकारी प्रक्रिया में उलझकर योजना सालों से फाइलों में दबी थी। मुख्यमंत्री डा रमन सिंह की विशेष दिलचस्पी के बाद प्रोजेक्ट में निजी कंपनियों की मदद लेने का फैसला लिया गया।

क्रेडा के निदेशक एस के शुक्ला ने बताया कि पावर प्लांट लगाने 5 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। जब पूरे विश्व में न्यूक्लियर पावर को लेकर बहस चल रही है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा,जो ग्रीन पावर की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डा सिंह व अफसरों की मौजूदगी में प्रस्तुतीकरण के बाद प्रोजेक्ट के संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

क्या है तकनीक
इस विधि से बिजली पैदा करने को बायनरी साइकल कहा जाता है। स्टीम वाटर के लिए दो किलोमीटर गहराई तक बोर किया जाएगा। भारत में इतनी गहराई तक बोर की सुविधा नहीं है। जापानी तकनीक से यहां बोर करने की तैयारी है। फिलहाल 5 सौ मीटर तक बोर करके सर्वे किया गया।

तकनीक से न्यूजीलैंड,जापान और इजरायल में बिजली पैदा की जा रही है। आर्केलाजिकल सर्वे आफ इंडिया ने भी तातापुर के स्रोत को बिजली बनाने सबसे उपयुक्त बताया है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भी गर्म पानी का स्रोत मिला है,लेकिन इतना बड़ा स्रोत देश में कहीं नहीं है।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: