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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर.
छत्तीसगढ़ के हिस्से के एपीएल चावल कोटे को 60 हजार टन से कम कर केवल 740 टन करने के मुद्दे पर विवाद अब भी बना हुआ है। राज्य सरकार बार-बार आरोप लगा रही है कि केंद्र ने कोटे में कटौती कर छल किया है, लेकिन केंद्रीय खाद्य सचिव ने मंगलवार को साफ कहा कि सरकार ने तीन साल तक कोटा ही नहीं उठाया।
केंद्र ने कोटे में की कटौती: रमन
पीडीएस पर निमोरा में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने चावल के मुद्दे पर फिर केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एपीएल कोटे में 60 हजार टन की कटौती दुर्भाग्यपूर्ण है।
एक ओर हम अपने राज्य में गरीबों को 14 रुपए का चावल खरीदकर तीन रुपए में उपलब्ध करा रहे हैं और दूसरी ओर केंद्र ने हमारे हिस्से का चावल कम कर दिया। गौरतलब है, इस मामले में मुख्यमंत्री ने केंद्र को कई दफे पत्र भी लिखा है।
सरकार ने नहीं उठाया: नंदकुमार
केंद्रीय खाद्य सचिव टी. नंदकुमार ने कटौती का दोष राज्य सरकार पर मढ़ दिया। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सालाना समीक्षा के बाद सभी राज्यों से मांगपत्र मंगवाया जाता है। छग सहित कुछ राज्यों ने पूरी प्रक्रिया निपटने के बाद डिमांड भेजी।
उन्होंने यह भी कहा कि तीन साल से छग और कुछ राज्यों ने अपने हिस्से का एपीएल चावल नहीं उठाया। कटौती के लिए इसे आधार बनाया गया। इनमें से ज्यादातर पिछड़े राज्य हैं। हालांकि श्री नंदकुमार ने यह भी कहा कि केंद्र ने किसी के साथ भेदभाव नहीं किया है। मामले में कोई राजनीति नहीं हो रही। राज्य सरकार से मतभेद नहीं हैं।