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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल की विधानसभा की सदस्यता खत्म कर दी गई है और उनकी सीट आदमपुर को खाली घोषित किया गया है। हरियाणा विधानसभा स्पीकर ने दलबदल मुद्दे पर सोमवार को रिजर्व रखा अपना फैसला आज सुना दिया। 55 पेज के ऑर्डर में स्पीकर डॉ. कादियान ने कहा कि संविधान के दसवें अनुच्छेद की धारा 191 दो के तहत भजन की सदस्यता खत्म की गई है।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा, कोई विधायक जिस पार्टी की टिकट पर चुना गया है उसे स्वेच्छा से छोड़ देता है या अन्य दल में शामिल हो जाता है तो बिना किसी के याचिका दायर किए खुद उसकी सदस्यता खत्म की जा सकती है। भजनलाल को पक्ष रखने का मौका दिया गया, कई नोटिस दिए।
उनसे सिर्फ यही पूछा गया था कि वे कांग्रेस पार्टी में हैं या नहीं? इसका उन्होंने जवाब नहीं दिया। भजनलाल के सांसद बेटे कुलदीप बिश्नोई की 2 दिसंबर को रोहतक में आयोजित रैली में जनहित कांग्रेस पार्टी बनाने की घोषणा व उसमें भजनलाल की मौजूदगी की खबरें उनकी सदस्यता खत्म करने का बड़ा आधार बनी।
इस रैली में शिरकत करने वाले गोहाना के विधायक धर्मपाल मलिक और इंद्री के विधायक राकेश कंबोज की भी दलबदल मुद्दे पर विधानसभा सदस्यता हाल ही में समाप्त की जा चुकी है। इन तीनों की सदस्यता खत्म किए जाने के बाद अब आदमपुर, इंद्री और गोहाना विधानसभा सीटों के उपचुनावों का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
अनुशासन के लिए याचिका दायर : भजनलाल की विधानसभा से सदस्यता खत्म करने के लिए याचिका दायर करने वाले रोहतक के विधायक शादीलाल बत्तरा स्पीकर के फैसला सुनाए जाने के समय उनके चैंबर में मौजूद थे।
बत्तरा ने कहा कि उन्होंने तो कांग्रेस में अनुशासन कायम रखने के मकसद से ही याचिका दायर की थी। उन्हें अच्छा लगता कि भजनलाल नोटिस के जवाब में कह देते कि वे कांग्रेस के सदस्य हैं और उनकी विधानसभा सदस्यता बच जाती।