मुम्बई.रिलायंस इंडस्ट्री द्वारा अपने पेट्रोल पंपों को बंद करने के फैसले पर सरकार असमंजस में है। तेल मंत्री मुरली देवरी ने स्वीकार किया है कि सरकार रिलायंस के फैसले से काफी उलझन में है।
उल्लेखनीय है कि सरकारी पंपों की तरह अनुदान नहीं मिलने की वजह से रिलायंस को काफी नुकसान हो रहा था इसी वजह से कंपनी ने अपने सभी पेट्रोल पंपो को बंद करने का निर्णय लिया।
इस बारे में बात करते हुए मुरली देवरा ने कहा कि हम निजी कंपनियों को अनुदान नहीं दे सकते लेकिन उन्हें होने वाले नुकसान से भी हम नजरअंदाज नहीं कर सकते है। गौरतलब है कि रिलायंस ने अपने 1400 पेट्रोल पंप को बंद करने का निर्णय किया है क्योंकि वे सरकारी पेट्रोल पंपो की तरह कम दाम में तेल उपल्बध कराने में असमर्तथ है। सरकारी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल रिलायंस पंपों के मुकाबले कम कीमत पर मिल रहा है। इससे सरकारी पंपों को जो घाटा होता है, उसे सरकार तेल बाँडों वगैरह के जरिये पूरा कर देती है। लेकिन रिलायंस को यह सहूलियत नहीं मिल रही है, जिसकी वजह से उसके पंपों पर पेट्रो उत्पादों की कीमत ज्यादा है। इस कारण उसे ग्राहकों के टोटे का सामना करना पड़ रहा है।सरकारी कंपनियों यानी इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम के पंपों के मुकाबले रिलायंस पंपों पर पेट्रो उत्पादों की कीमत 4 या 5 रुपये प्रति लीटर ज्यादा है।