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‘हारमोन रीप्लेसमेंट थरेपी’ से हो सकता है कैंसर

लंदन. ‘हारमोन रीप्लेसमेंट थरेपी’ से दोबारा हो सकता है कैंसर हारमोन संबंधी समस्यों से निजात पाने के लिए रजोनिवृत्ती के पहले और बाद में हारमोन रीप्लेसमेंट थरेपी’ (एचआरटी) स्तन कैंसर से उबर चुकी महिलाओं के लिए परेशानी का सबब बन सकती है।

पहले हुए अध्ययन भी यह साबित कर चुके हैं कि ‘एचआरटी’ के कारण महिलाओं में स्तन •ैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इस नए अध्ययन से यह बात सामने आई है कि स्तन कैंसर के बाद स्वस्थ हुई महिलाओं पर एचआरटी और भी बुरा असर डालती है।

लंदन के किंग्स कालेज से जुड़े लार्स होम्बर्ग और उनके सहयोगियों ने चार साल तक 221 महिलाओं में स्तन कैंसर के खतरे संबंधी जांच की। अध्ययन में पाया गया कि एचआरटी के बाद महिलाओं में स्तन कैंसर पनपने का खतरा 14.2 फीसदी बढ़ गया।

शोधकर्ताओं के अनुसार, अध्ययन के नतीजे यह दिखाते हैं कि सामान्य महिलाओं की तुलना में एचआरटी से गुजर चुकी महिलाओं में दोबारा स्तन •ैंसर पनपने का खतरा ज्यादा है।





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