नई दिल्ली. भारत का कार बाजार तेजी से बदलने वाला है। एक तरफ एक लाख रुपए की नैनो सड़कों पर उतरने का इंतजार कर रही है। दूसरी तरफ दुनिया के महंगे ब्रांड जगुआर और लैंड रोवर आधी से भी कम कीमत में भारतीय रईसों की पसंद बन सकते हैं। पुरानी लैंड रोवर आयात करने वाले रईसों की भारत में कमी नहीं है।
जगुआर माक्र्व दुनिया में करीब 50 लाख रुपए में बिकती है, लेकिन जब भारत आयात होती है तो एक करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत हो जाती है। अभी बेंटले कार ही भारत में एक करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत में बेची जा रही है।
बदल जाएगी तस्वीर:
टाटा मोटर के पास आने के बाद ये ब्रांड उन भारतीयों की क्रय शक्ति में आ सकते हैं, जो 25-30 लाख की कारें खरीदते हैं। टाटा मोटर इसकी लागत घटा सकती है और भारत से निर्यात भी कर सकती है। टाटा के पास अपना स्टील है, वह कार में इस्तेमाल होने वाला स्टील भी कोरस में बना रहे हैं और इंजीनियरिंग के मामले में उनके पास पूरी टीम है।
हाइब्रिड कारें:
चेयरमैन रतन टाटा ने जेनेवा मोटर शो में कहा था कि वह जैव ईंधन, बैटरी या हाइब्रिड कारों के निर्माण की तकनीक जुटा रहे हैं। आप भविष्य में लैंड रोवर को भी बैटरी से चलते देख सकते हैं।