टोंक. जिले में वन्य जीवों के लिए अब बीसलपुर अभयारण्य की जगह कनवर्सन रिजर्व जोन बनाया जाएगा। वन विभाग ने बीसलपुर अभयारण्य का प्रस्ताव बना कर भेजा था। बीसलपुर अभयारण्य के लिए साढ़े तीन करोड़ रुपए का प्रावधान था। प्रस्तावित अभयारण्य क्षेत्र में मंदिर, रास्ते, नहरे, बिजली की लाईटे, नदी का पेटा व डेम साईट होने के कारण अभयारण्य नहीं बन पाया।
राज्य वन्य जीव बोर्ड की बैठक में निर्णय लिया गया कि इसको अभयारण्य की जगह वन्य जीव संरक्षण अधिनियम १९७२ की धारा ३६ ए के तहत कनवर्सन र्जिव घोषित कराया जाएगा। इस क्षेत्र में पर्यटकों को तिनहारी जीवों के अलावा टाइगर व पेंथर भी देखने को मिलेगे। अब केवल इसे कनवर्सन रिजर्व घोषित किया जाएगा। वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि ११ मार्च को मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक की बैठक में कनवर्सन रिजर्व घोषित करने के लिए अधिसूचना को स्वीकृति दे दी गई। अब इसके लिए ग्राम पंचायतों की ग्राम सभाओं में सहमति लेनी होगी।
८ से १७ अप्रेल तक होने वाली ग्राम सभाओं में सहमति लेना शेष है। कनवर्सन रिजर्व के लिए एक प्रबंध समिति का गठन भी होगा। जिसमें एक ग्रामवासी को भी शामिल किया जाएगा।
कनवर्सन रिजर्व में शामिल क्षेत्र
कनवर्सन रिजर्व में टोडारायसिंह, पातलिया की डूंगरी, राजमहल वनखंड, माताजी की डूंगरी वनक्षेत्र शामिल है।
क्षेत्र में वन्यजीव ज्यादा मात्रा में है : इन वन क्षेत्रों में सांभर, जंगली सूअर, नील गाय, जरख, सियार, बंदर, खरगोश, भेडिया, लोमड़ी आदि वन्य जीव पाए जाते है।
टाइगर व पेंथर को भी छोड़ा जाएगा
वन विभाग के वन्य मंडल अधिकारी दीपचंद बैरवा का कहना है कि इस क्षेत्र में तिनहारी जीवों की संख्या ज्यादा बढ़ने के बाद टाइगर व पेंथर को भी इस क्षेत्र में छोड़ा जाएगा।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
कनवर्सन रिजर्व घोषित होने के बाद इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। वन्य जीवों को देखने के लिए विदेशी पर्यटक भी आने लगेगे। सवाईमाधोपुर जिले का रणथम्भौर अभयारण्य पास ही होने के कारण पर्यटक भी इसका आनंद ले पाएगे।