जयपुर. हाथी मालिकों का 40 वर्ष पुराना हाथी गांव का सपना इस साल नवंबर में पूरा होगा। हाथियों के लिए जयपुर-दिल्ली रोड स्थित हाथीगांव के पहले चरण का निर्माण कार्य 80 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। इसमें हाथी मालिकों के लिए एक कमरा, रसोई व हाथी को रखने के लिए बाड़ा बनाया गया है।
पहले चरण में 51 हाथियों व उनके महावतों को जगह मिलेगी। माना जा रहा है कि पर्यटन विभाग 51 हाथियों को लॉटरी सिस्टम से जगह मुहैया कराएगा। पहले चरण के निर्माण कार्य में करीब सवा पांच करोड़ की लागत आई है। दूसरे चरण में बजट आबंटित होने के बाद 61 हाथियों व महावतों के लिए निर्माण कार्य होगा। गौरतलब है कि गुलाबी नगरी में कुल 117 हाथी हैं, जिनमें 113 मादा हैं।
हाथी मालिक विकास समिति के अध्यक्ष अब्दुल रशीद का कहना है कि हाथीगांव बनवाने के लिए वह 40 वषों से प्रयास कर रहे हैं। अब जाकर उनका सपना पूरा होगा। उनके मुताबिक हाथीगांव में हाथियों को हवा-पानी बेहतर रास आएगा। गौरतलब है कि हाथीगांव बनाने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण ने जमीन उपलब्ध कराई है और पर्यटन विभाग की देखरेख में आमेर विकास बोर्ड ने निर्माण कार्य कराए हैं।
हाथियों का तालाब भी तैयार
आमेर विकास बोर्ड के प्रोजेक्ट इंजीनियर के.के शर्मा ने बताया कि हाथियों के नहाने के लिए तालाब बनाया गया है। इस तालाब में पूरे क्षेत्र का बरसात का पानी एकत्र होगा, जिसमें हाथी जल क्रीड़ा करेंगे। हाथीगांव देखने आने वाले पर्यटकों के लिए भी समुचित व्यवस्था की जाएगी।