इंदौर. मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा बुधवार को रालामंडल अभयारण्य पर दिए बयान को लेकर विपक्ष भड़क उठा है। विधायक तुलसी सिलावट ने कहा मुख्यमंत्री को जनता की राय का सम्मान करना था तो डीनोटिफिकेशन का प्रस्ताव भेजने से पहले ही रायशुमारी करते। प्रदेश प्रवक्ता के.के. मिश्रा ने सांसद सुमित्रा महाजन को आड़े हाथों लिया।
श्री चौहान ने रालामंडल की जमीन का एक इंच टुकड़ा भी भू-माफियों को नहीं देने तथा जनता की राय का सम्मान करने की बात कही थी। इस पर श्री सिलावट ने कहा सारा खेल भू-माफियाओं को लाभ देने के लिए ही किया जा रहा है। भाजपा सरकार पारदर्शी होती तो डीनोटिफिकेशन की फाइल गुपचुप केंद्र सरकार को नहीं भेजती। ईको-टूरिज्म की बात करने वाली सरकार पहले जनता से तो पूछे उसे क्या पसंद है?
श्री मिश्रा ने सांसद श्रीमती महाजन द्वारा राज्य सरकार के प्रस्ताव को समर्थन देने पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा मास्टर प्लान में गड़बड़ियों के खिलाफ मुखर रहने वाली सांसद इस मामले का क्यों और किस मजबूरी के तहत समर्थन कर रही है? जो कुछ भी है प्रदेश सरकार और भू-माफियाओं के बीच लंबा आर्थिक खेल चल रहा है।