bhaskar Web English
HomeNewsMetrosJaipur Jaipur

सुनिधि का सा नी ध प

जयपुर. sunidhiराजस्थान दिवस समारोह के तहत बुधवार शाम को अमरूदों के बाग में सुनिधि चौहान ने अपनी दिलकश आवाज से रंग जमा दिया। उनके स्वरों और संगीत लहरियों पर दर्शक झूमते रहे।

सुनिधि ने आ आ आशिकी में तेरी गाकर लोगों को नाचने के लिए निमंत्रण दिया। हालांकि शुरुआत में दर्शक भी उनका साथ देने से बचते रहे, लेकिन फिर सुनिधि ने है इश्क तो गले से लगा ले, माइंड ब्लोइंग माहिया और क्रेजी किया रे से रंग जमा दिया।

काला टॉप और जींस पहने सुनिधि ने उमराव जान फिल्म के प्रसिद्ध गीत दिल चीज क्या है का मुखड़ा गाकर लोगों को एक बार बांध सा लिया लेकिन पूरा गीत ना गाकर उन्होंने देख ले, जीवन के दिन हैं चार, मरने से पहले जीना सीख ले गाकर पूरा माहौल ही बदल दिया। उन्होंने कैसी पहेली है जिन्दगानी भी सुनाया।

इस दौरान मिमिक्री आर्टिस्ट रविराज ने अशोक कुमार, शत्रुघ्न सिन्हा, नाना पाटेकर, सुनील शेट्टी, अमिताभ बच्चन, अमरीश पुरी और संजय दत्त की आवाजें और उन्हीं के अंदाज में उनके कुत्तों के भौंकने की आवाज निकाल कर दर्शकों का मनोरंजन किया। गायक अयूब पटेल ने खई के पान बनारस वाला और बदन पर सितारे लपेटे हुए सुनाया।

जयपुर के मंच पर उतरी चेखव की दुनिया

रूसी कथाकार एंटन चेखव अपनी हल्की-फुल्की कहानियों के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं। उन्हीं की कहानियों को आधार बना कर बिड़ला सभागार में चल रहे थिएटर महोत्सव में बुधवार को चेखव की दुनिया नाटक खेला गया। इसमें उनकी छह कहानियों बेसहारा औरत, डूबा हुआ आदमी, शिकारी, छींक, सर्जरी और द गिफ्ट का मंचन किया गया।

राजस्थान दिवस समारोह के अंतर्गत चल रहे थिएटर महोत्सव में पहले दिन की ही तरह दूसरे दिन भी दर्शकों का टोटा दिखा। दिल्ली के प्रोडक्शन हाउस द एन्टरटेनर्स के बैनर तले मंचित इस नाटक का निर्देशन रंजीत कपूर ने किया। सभी कहानियां लाइट मूड कॉमेडी थीं, जिसमें जीवन के अलग-अलग पहलुओं को दर्शाया गया था। चेखव की लेखनी की विशेषता रही है कि वे जीवन के यथार्थ से जुड़ी आम बातों को खास बना देते हैं और यही इस नाटक में दर्शकों को भाया।

विरोध के कारण नहीं हो सकी घुड़दौड़

एसएमएस स्टेडियम पर प्रस्तावित घुड़दौड़ विरोध के चलते नहीं हो सकी। प्रतियोगियों ने यह कहकर दौड़ नहीं होने दी कि पिछले साल परिषद के अधिकारियों ने पूर्व घोषणा होने के बावजूद 11000 रुपए का इनाम नहीं दिया और सिर्फ 200 रुपए देकर चलता कर दिया। इन प्रतियोगियों ने स्टेडियम में नारेबाजी भी की, जिसके बाद परिषद ने दौड़ को रद्द कर दिया। उधर खेल अधिकारी महेश सैनी ने बताया कि हमने दौड़ आयोजित करना व पुरस्कार देना दो साल से बंद कर रखा है। अब प्रदर्शन मात्र किया जाता है। हमने किसी प्रतियोगी को नहीं बुलाया, सभी अपने-आप आ गए।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: