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चित्तौड़ मुद्दे पर विपक्ष का वाकआउट

जयपुर. चित्तौड़गढ़ जिले में हुए सांप्रदायिक दंगों के बारे में गृहमंत्री द्वारा बयान नहीं देने से नाराज विपक्ष ने बुधवार को विधानसभा में हंगामा और वाकआउट किया। वहीं बिना अनुमति बोलने के कारण विधायक प्रहलाद गुंजल को मार्शल के जरिये सदन से बाहर निकाल दिया गया।

निजी विश्वविद्यालयों के चार विधेयक पारित करने के साथ ही विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। शून्यकाल में कांग्रेस की ओर से बृजकिशोर शर्मा, हरिमोहन शर्मा और नेता प्रतिपक्ष हेमाराम चौधरी ने चित्तौड़गढ़ जिले में हुए सांप्रदायिक दंगों के संबंध में गृहमंत्री का वक्तव्य दिलाने का मामला बार-बार उठाया।

विपक्ष का कहना था कि एक स्थगन प्रस्ताव पर गृहमंत्री को मंगलवार को ही यह वक्तव्य देना था, लेकिन सदन में गतिरोध होने के कारण उनका वक्तव्य नहीं हो सका। इसलिए आज वक्तव्य दिलाया जाए। सत्तापक्ष का कहना था कि गृहमंत्री मंगलवार को ही वक्तव्य दे रहे थे, लेकिन विपक्ष ने सुना ही नहीं, इसलिए अब कुछ नहीं हो सकता। इससे नाराज विपक्ष ने पहले वैल में आकर नारेबाजी की और बाद में वाकआउट कर दिया।

सरकारी संपत्तियां बेचने का मुद्दा उठाया

गुंजल ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए हैरिटेज संरक्षण की आड़ में सरकारी संपत्तियां बिकने का मुद्दा सदन में उठाने की कोशिश की। अध्यक्ष सुमित्रा सिंह ने यह कहते हुए गुंजल को बोलने की अनुमति नहीं दी कि यह प्रस्ताव इतना महत्वपूर्ण नहीं है जिससे पूर्व निर्धारित कार्यवाही को रोककर बीच में चर्चा कराई जाए।

इससे गुंजल संतुष्ट नहीं हुए और खड़े होकर सदन में कागज लहराते हुए बोलना शुरू कर दिया। अध्यक्ष ने उन्हें टोका, लेकिन गुंजल बोलते ही रहे।

इस बीच आसन पर शांतिलाल चपलोत आ गए और उन्होंने मार्शल को बुलाकर गुंजल को सदन से बाहर निकलवा दिया। बाद में गुंजल ने एक बयान में आरोप लगाया कि सरकारी संरक्षण में भूमाफिया पनप रहा है। मुख्यमंत्री की मिलीभगत से आमेर में उनके चहेते लोग सरकारी हवेलियां खरीद रहे हैं। मुख्यमंत्री के सांसद बेटे ने धौलपुर में अनुसूचित जाति के लोगों की जमीन पर कब्जा कर रखा है। यह सरकार रियल एस्टेट के काम में लगी है। उल्लेखनीय है कि ये दोनों ही मामले पिछले दिनों ‘भास्कर’ ने उजागर किए थे।

चार विधेयक पारित

विधानसभा ने बुधवार को सत्र के आखिरी दिन चार निजी विश्वविद्यालयों के विधेयक पारित किए। इनमें ज्योति विद्यापीठ महिला विश्वविद्यालय जयपुर, जगन नाथ विश्वविद्यालय जयपुर, सुरेश ज्ञान विहार विश्वविद्यालय जयपुर और भगवंत विश्वविद्यालय अजमेर हैं।





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