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मुख्यमंत्री भी रंगे इंदौर के रंग में

इंदौर.i मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान भी पत्नी साधनासिंह के साथ स्व. लक्ष्मणसिंह गौड़ द्वारा हिंद रक्षक के बैनर तले शुरू की गई राधाकृष्ण फागयात्रा की परंपरा के रंग में रंग ही गए। फागयात्रा की शुरुआत श्री एवं श्रीमती चौहान, मालिनी गौड़ व संगठन संयोजक एकलव्य गौड़ ने राधाकृष्ण की आरती से की। मुख्यमंत्री ने ‘लखन दादा अमर रहे’ के नारे लगवाए और कहा उन्होंने जो परंपरा शुरू की उसने आज भव्य रूप ले लिया है।

ंिहंदू संस्कृति एवं परंपरानुसार होने वाली फागयात्रा को स्थापित करने में उन्होंने सतत प्रयास किए। शिक्षा मंत्री रहते मात्र 6 माह में जो काम किया वह सराहनीय है। कोटिचंडी महायज्ञ में उन्होंने दशहरा मैदान पर बाउंड्रीवाल, विश्रामबाग में एशिया का सबसे अच्छा गार्डन बनाने व इंदौर में साइंस सिटी बनाने का आग्रह मुझसे किया था। सभी काम तुरंत पूरे करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री कई बार भावुक हो गए। गोकुलोत्सव महाराज ने भी संबोधित किया। हिन्द रक्षक की ओर से उन्हें पगड़ी पहनाई गई।

इससे पहले मुख्यमंत्री श्री गौड़ के इतवारिया बाजार निवास पहुंचे। वहां सांसद सुमित्रा महाजन, सांसद नंदकुमारसिंह चौहान, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, कमल पटेल, विधायक उषा ठाकुर, महेंद्र हार्डिया, महापौर डॉ. उमाशशि शर्मा, पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा, कांग्रेस विधायक अश्विन जोशी, तुलसी सिलावट महिला कांग्रेस अध्यक्ष शोभा ओझा भी मौजूद थीं।

श्रीमती गौड़ से आग्रह : तय कार्यक्रम अनुसार मुख्यमंत्री और एकलव्य को ही रथ पर चलना था। बाद में मुख्यमंत्री व उनकी पत्नी के आग्रह पर मालिनी गौड़ भी रथ पर सवार हो गईं।

दीवाना राधे का.. : फागयात्रा में मुख्यमंत्री पहले तो भजन गायकों के कहने पर खूब जयकारे लगवाए। फिर उनके ही कहने पर ‘दीवाना राधे का..’ भजन भी गाया जिस पर मंत्री पटेल सहित हजारों महिला-पुरुष जमकर नाचे।

आरती कर रवाना होने वाले थे : मुख्यमंत्री सुबह ठीक 10 बजे इंदौर आए और स्व. गौड़ के निवास पर पहुंचे। कार्यक्रम तो बद्रीनारायण मंदिर पर पूजन कर लौटने का था लेकिन श्रीमती गौड़ के आग्रह पर रूक गए। श्री गौड़ के निवास पर वे श्रीमती गौड़ तथा तीनों बच्चों से मिले और उन्हें साथ लेकर नीचे आए। वहां से उन्हें कार से ही बद्रीनारायण मंदिर जाना था। नीचे उतरने के बाद श्रीमती गौड़ ने मंदिर तक पैदल चलने का आग्रह किया।

तब तक रास्ते पर हजारों लोग जमा हो गए थे। इसी भीड़ में सुरक्षाकर्मी जैसे-तैसे रास्ता बनाते हुए मुख्यमंत्री को मंदिर तक ले गए। इस दौरान लोगों ने गुलाल उड़ाया तो सुरक्षाकर्मी रोकने लगे तब श्री चौहान ने कहा मैं भी इनके बीच का ही आदमी हूं। आज तो मुझे भी रंग का आनंद लेने दो। रथ पर सवारी के दौरान भी कई बार सुरक्षाकर्मियों को लोगों को रोकने से मना किया। चौहान दंपति ने भी राजबाड़ा तक लोगों पर खूब गुलाल उड़ाया।

गोराकुंड चौराहे पर था अद्भुत नजारा : दोपहर 12 बजे फागयात्रा गोराकुंड चौराहे पहुंची तो पहले से ही गेरों का जमावड़ा था। वहां से खजूरी बाजार, मल्हारगंज, सीतलामाता बाजार और अहिल्यापुरा तक रंग-गुलाल के बादल, नाचते-झूमते महिला-पुरुष ही दिख रहे थे।

लखन की प्रतिमा से खेली होली : फागयात्रा में बार-बार स्व. गौड़ की याद आती रही। यात्रा में शामिल उनकी प्रतिमा के साथ ही होली खेली। इस दौरान कई लोगों की आंखें डबडबा आईं।





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