जयपुर.
‘शरद पवार गुट मुझे खत्म करने की साजिश कर रहा है और इसी कारण मुझ पर लगातार आरोप लगाए जा रहे हैं। इन आरोपों से मैं जरा भी घबरा नहीं रहा हूं और इनके खिलाफ संघर्ष जारी रखूंगा। इससे मेरे इरादों को मजबूती मिल रही है। मैं क्रिकेट में वापसी करूंगा, लेकिन वो दिन कब आएगा, अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।’ भारतीय क्रिकेट बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने भास्कर से विशेष बातचीत में ये बात कही।
मुंबई से कोलकाता की फ्लाइट में बैठने से कुछ समय पहले टेलीफोन पर दिए इंटरव्यू में डालमिया ने कहा कि शरद पवार क्या कर रहे हैं, किसी से छुपा नहीं है। बोर्ड में सत्ता संभालने के साथ ही इन लोगों ने मुझे खत्म करने की साजिश शुरू कर दी थी और पिलकॉम से जुड़े ये आरोप भी उसी का हिस्सा हैं। उन्होंने मेरे खिलाफ कई सिविल केस भी दर्ज कर रखे थे, लेकिन उनमें से अधिकतर में फैसला मेरे पक्ष में होने के बाद उन्होंने क्रिमिनल केस दर्ज कर दिया।
1997 से 2000 तक आईसीसी के अध्यक्ष रहे डालमिया ने कहा कि लाख कोशिशों और कई आरोपों के बावजूद पवार गुट साबित कुछ नहीं कर पाया है। मैंने भारतीय क्रिकेट को अपने बच्चे कर तरह सहेजा और उसे पाल-पोसकर बढ़ा किया। इसके बावजूद मुझ पर गबन जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं। यह वास्तव में शर्मनाक है। जांच के नाम पर मुझे परेशान किया जा रहा है, लेकिन मैं हार मानने वाला नहीं हूं। मेरे शुभचिंतकों की दुआएं मेरे साथ हैं और मुझे क्रिकेट जगत में वापसी का विश्वास है।
इस पूर्व बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि पवार गुट का क्रिकेट से कोई लेना-देना नहीं है। सत्ता में बने रहना ही उनकी प्राथमिकता है। कभी मेरे साथ रहे कुछ लोग भी आज पवार गुट में हैं, लेकिन मैं उन्हें लेकर ज्यादा चिंतित नहीं हूं। यदि वे सत्ता के भूखे हैं, तो मैं उनकी परवाह क्यों करूं।
>> बदले की भावना से हो रही है कार्रवाई : रूंगटा
बीसीसीआई के पूर्व कोषाध्यक्ष किशोर रूंगटा के अनुसार बोर्ड का सत्ताधारी गुट डालमिया के खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई कर रहा है। भास्कर से चर्चा के दौरान रूंगटा ने कहा कि मैं डालमिया को 25 साल से जानता हूं और उन जैसा सक्षम व्यक्ति गबन नहीं कर सकता। मुझे हंसी आती है कि उन पर फोन बिल व कार के किराये में बोर्ड के फंड के दुरुपयोग जैसे आरोप लगाए गए हैं।
बीसीसीआई अध्यक्ष के रूप में उनके फोन बिल व कार के किराये का भुगतान बोर्ड के फंड से हो गया, तो इसमें क्या गलती है। वैसे भी 1996 के वल्र्डकप के आयोजन के लिए बने पिलकॉम अकाउंट को इतना समय हो गया है, तो मैं पूछना चाहता हूं कि इतने समय तक ये लोग सो रहे थे क्या।