भोपाल. राजधानी के सबसे बड़े हमीदिया अस्पताल का आकस्मिक चिकित्सा विभाग (इमरजेंसी) सिर्फ आठ मेडिकल आफिसर (एमओ) के भरोसे चल रहा है। कई वर्र्षो से लगातार ड्यूटी करके परेशान हो चुके आठों एमओ ने अब मांग की है कि रोस्टर प्रणाली से ड्यूटी लगाई जाए। इस मामले का निराकरण नहीं होने पर उन्होंने एक अप्रैल से सामूहिक अवकाश पर जाने की तैयारी की है।
ड्यूटी करने वाले आठों एमओ का कहना है कि हमीदिया अस्पताल और गांधी मेडिकल कालेज में वर्तमान में 60 मेडिकल आफिसर पदस्थ है। परंतु इमरजेंसी में सिर्फ उन आठ एमओ की ही ड्यूटी लगती है। इस कारण अवकाश के दिनों में भी ड्यूटी करते हुए वे मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं।
नहीं हो पाया अमल
कालेज एवं अस्पताल के सभी मेडिकल आफिसर इमरजेंसी ड्यूटी करेंगे, इस मामले में कालेज काउंसिल की बैठक में भी पूर्व में निर्णय हो चुका है, परंतु इस पर अमल नहीं हो पाया।
शिकायत
आठों एमओ ने जीएमसी के डीन और हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक से शिकायत की है। इसकी प्रति मुख्यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा मंत्री, विभाग के प्रमुख सचिव और मानव अधिकार आयोग को भेजी है।
ड्यूटी करने वाले डाक्टर
डा. जेके चौरसिया- डीसीएच, डा. अमीर सिंह-एमडी पीडियाट्रिक्स, डा. आरके जैन-डिप्लोमा एनेस्थीसिया, डा. प्रहलाद दुबे-डीसीएच, डा. सतीश अहिरवार-डिप्लोमा एनेस्थीसिया, डा. नवीन भाटिया-एमएस ईएनटी, डा. प्रमेंद्र शर्मा-एमएस आर्थो, डा. आरआर पाराशर-एमबीबीएस।