बीकानेर.
उत्तर-पश्चिम रेलवे जोन के महाप्रबंधक अशोक गुप्ता तीन बार और रेलवे बोर्ड अध्यक्ष के.सी. जैना के बीकानेर मंडल का दौरा करने के बाद भी अनदेखी हुई।
रेलमंत्री ने 2006-07 के अपने बजट में बीकानेर मंडल को कई सौगातें दी थी। पूर्व डीआरएम वी.के. रहेजा के कार्यकाल में आए इन बजट में बीकानेर मंडल को बीकानेर-जैसलमेर (दो जोड़ी ट्रेन), जयपुर-हिसार-अमृतसर ट्रेन,संपर्क क्रांति, अवध-आसाम एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें मिली वहीं बीकानेर से सादूलपुर, रतनगढ़-डेगाना अािद के लिए आमान परिवर्तन का कार्य भी स्वीकृत हुआ। करीब एक दशक के बाद पहली बार बीकानेर के हिस्से इतना कुछ आया था।
रेल विकास यात्रा को गति मिली मगर मंगलवार को रेलमंत्री ने इस गति को अवरुद्ध कर दिया। बीकानेर के आजमन, रेलवे यूनियनों और रेलवे अधिकारियों ने पूरे साल कई बैठकें आयोजित कर प्रस्ताव तैयार किए थे। इन प्रस्तावों को जोन मुख्यालय भेजा गया था मगर इसके बाद न तो इनको फॉलो किया गया और न ‘प्रजेंटेशन’ के बारे में प्रयास हुए नतीजा मंगलवार को सामने आ गया।
यह स्थिति उस समय और भी कष्टदायी हो जाती है जबकि उत्तर-पश्चिम रेलवे जोन के महाप्रबंधक अशोक गुप्ता तीन बार और रेलवे बोर्ड अध्यक्ष के.सी. जैना ने भी बीकानेर मंडल का दौरा किया था। ऐसे में जनता के साथ रेलवे अधिकारियों को भी काफी उम्मीद थी जिस पर पानी फिर गया। जोन अधिकारियों का कहना है कि जब तक बीकानेर में नई वाशिंग लाइन तैयार नहीं होगी, नई ट्रेन मिलने की संभावना नगण्य है। इसका कारण यह है कि मंडल ने इस कार्य को प्राथमिकता में नहीं लिया और करीब तीन से चार महीने का विलंब हुआ। इसका खमियाजा भी भुगतना पड़ा।
मंडल के सादुलपुर-हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर तथा जयपुर-चूरू-लोहारू के लिए आमान परिवर्तन की स्वीकृति मिली है मगर यह तो ऊंट के मुंह में जीरा भी नहीं है।