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तिकड़म से शूटिंग

अजमेर. flimनाजिम ने इजाजत नहीं दी, फिल्म यूनिट ने झालरा के पास की इमारत पर कैमरा रख कर शूटिंग कर ली। फिल्म के दृश्य का कॉमर्शियल उपयोग रोकने के लिए निर्माता-निर्देशक को नोटिस देगी दरगाह कमेटी।

दरगाह के तकद्दुस और सुरक्षा को देखते हुए परिसर में फिल्म शूटिंग पर लगी पाबंदी का तोड़ फिल्म यूनिट ने निकाल लिया और बुधवार को दरगाह परिसर में कैमरा ले जाए बिना ही अभिनेताओं की दरगाह जियारत का दृश्य फिल्मा लिया। दरगाह नाजिम अहमद रजा ने इसे धोखाधड़ी करार देते हुए फिल्म निर्माता व निर्देशक को कानूनी नोटिस देने की घोषणा की।

फिल्म निर्देशक राशिद खान व प्रोडयूसर तरुण धनराज की निर्माणाधीन फिल्म ‘दीया’ के दृश्य फिल्माने के लिए दरगाह नाजिम व एसपी आनंद श्रीवास्तव से इजाजत मांगी गई थी। लेकिन दरगाह में शूटिंग कैमरा ले जाने की इजाजत नहीं मिलने पर फिल्म यूनिट ने खादिम सैयद कुतुबुद्दीन सखी की मदद से झालरा के पास स्थित एक इमारत पर कैमरा फिक्स किया और परिसर में चादर और अकीदत के फूल ले जा रहे कलाकारों का दृश्य फिल्मा लिया।

इस नए तरीके से फिल्माए गए दृश्य की परिसर में दिन भर चर्चा रही। झालरा के पास स्थित इमारत इमारत से परिसर साफ नजर आता है और कैमरा जूम कर दृश्य आसानी से फिल्माया जा सकता है। इसका लाभ उठाते हुए ही परिसर में कलाकार आबिद और मधु चड्ढ़ा को महफिलखाना गेट से चादर और फूलों की टोकरी लिए प्रवेश कराया गया।

दोनों कलाकार सखी और उनके भाई वहीद खां के साथ जन्नती दरवाजे के पास वाले दालान, अरकाट दालान और अहाता-ए-नूर में बार-बार चक्कर लगाते रहे। ऊपर लगे कैमरे से जूम कर सीन फिल्माया जाता रहा। जब कैमरामैन ने मोबाइल पर सीन ओके हो जाने की सूचना दी, तब दोनों कलाकारों ने आस्ताना शरीफ पहुंचकर ख्वाजा साहब की मजार पर अकीदत का नजराना पेश किया। सखी ने उन्हें जियारत कराई और दस्तारबंदी की।

कानूनी नोटिस देंगे

परिसर में अकीदत का नजराना लेकर चल रहे जायरीन को रोक नहीं सकते। उन्होंने धोखाधड़ी कर पास की एक बिल्डिंग पर कैमरा फिक्स कर सीन लिया है। फिल्म निर्माता और निर्देशक का पता लेकर उन्हें कानूनी नोटिस देकर दृश्य के कॉमर्शियल उपयोग को रुकवाया जाएगा। शूटिंग भीतर से की हो या बाहर से यह तो जुर्म है।
-अहमद रजा, दरगाह नाजिम





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