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Chhattisgarh
Raipur Raipur दुर्ग.
ग्राम ओटेबंद में बुधवार को आयोजित किसान महाबइठका में कांग्रेस ने किसानों को रिझाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इसमें किसानों को मुफ्त पानी, बगैर ब्याज का कृषि कर्ज व मुफ्त बिजली कनेक्शन देने का प्रस्ताव पारित किया गया। राज्य में कांग्रेस की सरकार बनते ही प्रस्ताव पर शतप्रतिशत अमल का भरोसा कांग्रेसी नेताओं ने दिया। प्रस्तावों को कांग्रेस के चुनावी घोषणा-पत्र में शामिल किया जाएगा। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, राज्यसभा सदस्य व कांग्रेस के कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा की मौजूदगी में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चरणदास महंत, नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा व उपनेता प्रतिपक्ष भूपेश बघेल ने प्रस्ताव के बारे में भरोसा दिलाया कि कांग्रेस की सरकार बनी तो किसान फायदे में रहेंगे।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि 2008 के चुनाव में कांग्रेस की सरकार बनेगी तो केंद्र धान का समर्थन मूल्य चाहे जितना बढ़ाए, किसानों को प्रति क्विंटल दो सौ रुपए बोनस दिया जाएगा। समर्थन मूल्य भी एक हजार रुपए से कम नहीं होने का भरोसा दिलाया गया। सिंचित क्षेत्र में किसानों को अभी प्रति एकड़ 91 रुपए सिंचाई टैक्स देना पड़ता है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनकी सरकार किसानों से सिंचाई टैक्स नहीं लेगी। सिंचाई के लिए मुफ्त में पानी मिलेगा। नेताओं ने कहा कि उद्वहन सिंचाई योजना का बिजली बिल बहुत अधिक आता है। कांग्रेस की सरकार बनने पर यह बिल माफ किया जाएगा। किसानों को पंप के लिए भाजपा सरकार टेंपररी कनेक्शन दे रही है। इसमें किसानों को काफी राशि देनी पड़ती है। कांग्रेस की सरकार मुफ्त में कनेक्शन देगी।
बिना ब्याज के कर्ज का फामरूला भी कांग्रेस ने तैयार कर लिया है। किसानों को बताया गया कि केंद्र की यूपीए सरकार ने 12 प्रतिशत ब्याज को कम कर 7 प्रतिशत किया। प्रदेश की भाजपा सरकार इसमें एक प्रतिशत छूट देकर वसूल रही है। कांग्रेस की सरकार कृषि ऋण पर ब्याज नहीं लेगी। किसानों को केवल मूलधन ही पटाना होगा।
रायपुर में पास दुर्ग में फेल
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने बुधवार को राजधानी रायपुर में नक्सल मामले में छत्तीसगढ़ सरकार और पुलिस की कार्रवाई को क्लीन चिट दे दी, लेकिन दो घंटे बाद उन्होंने दुर्ग में कह दिया कि इस मामले में रमन सरकार नाकाम रही है, छह महीने बाद कांग्रेस सरकार ही नक्सलियों से निपटेगी।
श्री जायसवाल ने रायपुर में कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस आंध्रप्रदेश और महाराष्ट्र पुलिस से मिलकर जो ज्वाइंट आपरेशन अभी चला रही है, अगर पहले चलाया होता तो नक्सल समस्या नहीं गहराती। उन्होंने ज्वाइंट आपरेशन के मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस की ये कहकर पीठ थपथपाई कि पिछली कुछ कार्रवाइयों से खासी राहत मिली है। अब और सख्ती बरतने की जरूरत है।
वीवीआईपी रेस्ट हाउस ‘पहुना’ में श्री जायसवाल ने प्रशासनिक तथा पुलिस अफसरों की बैठक ली। सूत्रों के अनुसार बैठक में डीजीपी विश्व रंजन ने सीआरपीएफ की पांच बटालियनों की मांग दोहराई। उन्होंने बताया कि एसएसबी की चार बटालियनें मिल गईं, एक और चाहिए। गृह राज्यमंत्री ने इसपर विचार करने का आश्वासन दिया। बैठक में गृह विभाग के प्रमुख सचिव एनके असवाल भी थे।
मीटिंग के बाद पत्रकारों से मुखातिब श्री जायसवाल ने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ जब तक चौतरफा दबाव नहीं बनेगा, अच्छे नतीजे नहीं आएंगे। आंध्र और महाराष्ट्र की तरह उड़ीसा के साथ भी ज्वाइंट आपरेशन चलना चाहिए। हालांकि उड़ीसा पुलिस अभी ऐसे आपरेशन के लिए तैयार नहीं है, लेकिन पहल की जाएगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र ने छत्तीसगढ़ को काफी फोर्स दी है। अब छत्तीसगढ़ को भी चाहिए कि यहां खाली पदों (करीब 22 फीसदी) को भरे। राज्य की पुलिस को मजबूत करने की दिशा में काम होने चाहिए। हर काम के लिए केंद्र से फोर्स कैसे दी जा सकती है।
कांग्रेस ही निपटेगी
दुर्ग के ग्राम ओटेबंद में कांग्रेस की महाबइठका में श्री जायसवाल के तेवर ही अलग थे। उन्होंने दो-टूक कह दिया कि भाजपा सरकार नक्सली समस्या से निपटने में अक्षम रही है। छत्तीसगढ़ में छह माह बाद कांग्रेस की सरकार बनेगी। नक्सल समस्या का समाधान वही करेगी। हमारे दुर्ग कार्यालय के अनुसार श्री जायसवाल ने कहा कि आंध्रप्रदेश सर्वाधिक नक्सल प्रभावित था। कांग्रेस की सरकार बनी, तो वहां के मुख्यमंत्री ने समस्या पर काबू पा लिया। इसके विपरीत, छत्तीसगढ़ सरकार ने चार साल में राज्य को सर्वाधिक नक्सल समस्याग्रस्त राज्य बना दिया।
सलवा जुड़ूम पर छूट
श्री जायसवाल ने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे जनजागरण अभियान ‘सलवा जुड़ूम’ के लिए राज्य सरकार को खुली छूट दी गई है। अगर राज्य सरकार को लगता है कि ऐसे आंदोलनों से नक्सल समस्या से छुटकारा मिलेगा, तो केंद्र को ऐतराज नहीं है।
सीएम को एनएसजी जल्द?
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह को ब्लैक कैट कमांडो (एनएसजी) की सुविधा देने पर सिद्धांतत: सहमत हैं। रायपुर में आला अफसरों की बैठक के दौरान आईजी इंटेलिजेंस डीएम अवस्थी ने कहा कि नक्सल खतरे को देखते हुए पुलिस ने एनएसजी सिक्योरिटी का प्रपोजल शासन को दिया था। इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा गया है। गृह विभाग के प्रमुख सचिव तथा डीजीपी ने भी मुख्यमंत्री के लिए एनएसजी कवर की जरूरत बताई। तब श्री जायसवाल ने कहा कि दिल्ली जाकर इस मामले में गंभीरता से विचार किया जाएगा और छत्तीसगढ़ को एनएसजी मुहैया कराने की कोशिश होगी।