जोधपुर/सांचौर.
हजारों साल पहले जिस धरती पर सरस्वती नदी बहती थी, उसी धरा पर बरसों बाद नर्मदा का पानी नया इतिहास रचने के लिए बेताब है। लंबे इंतजार के बाद सरदार सरोवर से नर्मदा का पानी राजस्थान सीमा के आखिर छोर पर सीलू गांव पहुंच चुका है।
गुरुवार को एक समारोह में इस पानी की विधिवत पूजा-अर्चना की जाएगी। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी नर्मदा का पानी नहर में छोडे़गे। बाद में दोनों मुख्यमंत्री सभा को संबोधित करेंगे। वसुंधरा सीलू गांव के बाहर बेसला वितरिका पर स्प्रिंकलर पद्धति का प्रदर्शन भी देखेंगी।
मंत्री व अधिकारियों ने लिया जायजा
जलदाय मंत्री सांवरमल जाट, सिंचाई विभाग के प्रमुख शासन सचिव एस.एन.थानवी, संभागीय आयुक्त श्रीमती किरण सोनी गुप्ता सहित तमाम उच्चधिकारियों ने बुधवार को सीलू गांव जाकर स्थिति का जायजा लिया।
कितना पानी मिलेगा
नर्मदा नहर से प्रतिदिन 27 सौ क्यूसेक पानी राजस्थान को सप्लाई करने की योजना है। इससे जालोर व बाड़मेर के हजारों खेत-खलिहानों में हरियाली लाने और 1100 गांवों के लोगों की प्यास बुझाने का सपना साकार होगा। प्रथम चरण में खारी नदी से फिलहाल प्रतिदिन 500 क्यूसेक पानी की सप्लाई की जाएगी। उससे जालोर व बाड़मेर के 50 गांवों की प्यास बुझेगी और 25 से 27 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जाएगी।
बाड़मेर-जालोर की बदलेगी तस्वीर
पंजाब से राजस्थान नहर में पानी पहुंचने से गंगानगर के अलावा बीकानेर व जैसलमेर जिले के रेगिस्तानी इलाके की तकदीर बदल गई। वहां खेत-खलिहान लहलहाने लगे और मछली पालन का व्यवसाय होने लगा। उसी तरह गुजरात से सरदार सरोवर का पानी राजस्थान में पहुंचने से जालोर व बाड़मेर जिले की तकदीर व तस्वीर बदलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री हेलिकॉप्टर से सीलू पहुंचेंगी
मुख्यमंत्री गुरुवार सुबह जयपुर से हेलिकॉप्टर से रवाना होकर 11:30 बजे सीलू में बनाए अस्थायी हेलिपेड पर पहुंचेगी। वहां से वे सिंचाई विभाग के गेट नंबर एक पर होने वाले समारोह में शरीक होंगी। मुख्यमंत्री लंच के बाद दोपहर करीब ढाई बजे जयपुर के लिए रवाना हो जाएंगी।
क्यों हुआ विलंब
कच्छ के रण से जुड़े रेगिस्तान में नर्मदा सरोवर का पानी लाने के लिए गुजरात सरकार को नर्मदा की मुख्य नहर से 358 किमी लंबी नहर बनानी थी, लेकिन पाटन से जालोर जिले के आखिरी छोर के सीलू गांव तक बनाई जाने वाली 48 किमी लंबी नहर के 10 किमी हिस्से को पूरा करने में एक साल से अधिक समय लग गया।
दो साल विलंब से पहुंचेगा पानी
राजस्थान सरकार ने सवा दो साल पूर्व गुजरात को 650 करोड़ रुपए अदा कर दिए थे। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 19 मार्च 2006 को जयपुर में जुलाई तक नर्मदा का पानी राजस्थान पहुंचाने की घोषणा की थी। उसके बाद वादे पर वादे होते रहे। पिछले साल सांसद किरण माहेश्वरी ने लोकसभा में नर्मदा के पानी का मसला उठाया तो गुजरात ने 30 अप्रैल 2007 तक पानी पहुंचाने का वादा किया, मगर यह वादा खोखला साबित हुआ। आखिर अब 27 मार्च को नर्मदा का पानी किसानों को नसीब हो पाएगा।
गुड़ामालानी तक आएगा पानी
राजस्थान सरकार प्रथम चरण में एक हजार करोड़ खर्च कर नर्मदा का पानी जालोर के सांचौर व बाड़मेर के गुड़ामालानी तक लाने के लिए नहर बनाने और आगे पानी वितरण करने का काम पूरा कर चुकी है। सीलू गांव के पास बनाए जा रहे फिल्टर हाउस का निर्माण चल रहा है और मई तक इसके पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद पीएचईडी विधिवत रूप से 22 गांवों को पानी की सप्लाई शुरू करेगी।