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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर.
तारबाहर और व्यापार विहार क्षेत्र में रोजाना हजारों लीटर केरोसिन की अफरा-तफरी हो रही है। कभी टैंकर से चोरी कर केरोसिन जरीकेन में भरा जा रहा ह,ै तो कभी पूरा का पूरा टैंकर ही इधर का उधर कर दिया जा रहा है। इस अफरा-तफरी में केवल तारबाहर का कुख्यात गिरोह ही नहीं, बल्कि शहर के नामी-गिरामी व्यवसायी भी जुड़े हुए हैं।
बरसों से चल रहे तेल के इस खेल में प्रशासन भी माफिया के सामने पस्त नजर आ रहा है। उल्लेखनीय है कि शिकायत मिलने पर खाद्य विभाग ने कई बार छापामार कार्रवाई भी की है, लेकिन एक अपवाद को छोड़कर कोई आरोपी उसके हाथ नहीं लगा। खाद्य विभाग ने तारबाहर और व्यापार विहार क्षेत्र से हजारों लीटर केरोसिन जब्त किया, लेकिन वह लावारिस हालत में मिला। इसके पीछे किसका हाथ है, यह जानने की फुर्सत न तो खाद्य विभाग को है और न ही पुलिस को। यही कारण है कि प्रशासन आज तक तेल माफिया का कुछ नहीं बिगाड़ सका, तेल की अफरातफरी का खेल बैखौफ चल रहा है।
कहां खपाया जाता है तेल: डीजल महंगा होने की वजह से ट्रकों व अन्य वाहनों में ईंधन के रूप में केरोसिन का प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल तारपीन तेल में मिलावट करने के साथ-साथ होटल आदि व्यवसायिक संस्थानों में भी केरोसिन का प्रयोग किया जाता है। संबंधित लोग तेल माफिया से संपर्क कर उनसे तेल खरीद लेते हैं
पुलिस की भूमिका संदिग्ध: बरसों से चल रहे इस कारोबार में तारबाहर पुलिस की भूमिका हमेशा ही संदिग्ध रही है। सूत्रों की मानें तो तारबाहर पुलिस को सब कुछ पता है। वह इन आरोपियों को भी जानती है और इनके कारोबार सहित इनके अड्डों को भी, लेकिन तेल माफिया का रसूख इतना है कि पुलिस उन पर कार्रवाई नहीं करती। खाद्य विभाग यदि कार्रवाई करने तारबाहर इलाके में पहुंचती है तो स्थिति ये रहती है कि थानेदार उन्हें बल मुहैया कराने तक में आनाकानी करते हैं। यानी पूरी कोशिश यही होती है कि खाद्या विभाग उनके क्षेत्र में कार्रवाई न करे।
विगत 27 फरवरी को भी विभाग को पुलिस के इस संदिग्ध रवैये से परेशानी उठानी पड़ी थी। इस मामले में तारबाहर थाने में वर्षो से जमे एक आरक्षक की गतिविधियों से सभी परिचित हैं जो हर थानेदार का खास होता है और उसे कई सालोंे से थाने से कोई अधिकारी भी नहीं हटा सका। अब तक की गई कार्रवाई में से खाद्य विभाग ने 27 फरवरी के दो मामले ही पुलिस को सौंपे हैं।
तारबाहर क्षेत्र में खाद्य विभाग की कार्रवाई: तारबाहर इलाके में खाद्य महकमे ने कई बार छापामार कार्रवाई की, जिसमें हजारों लीटर केरोसिन जब्त किए गए हैं।
10 अगस्त 2006- 1520 लीटर केरोसिन लावारिस हालत में जब्त
13 सितंबर 2006- 340 लीटर केरोसिन लावारिस हालत में जब्त
13 दिसंबर 2006- 3 हजार लीटर केरोसिन गुरु घासीदास नगर में जब्त
21 फरवरी 2007- 120 लीटर केरोसिन छोटीबाई उर्फ उमादेवी से जब्त
17 अक्टूबर 2007- 800 लीटर केरोसिन लावारिस हालत में जब्त
27 फरवरी 2008- 1480 लीटर केरोसिन खण्डहरनुमा मकान से जब्त
27 फरवरी 2008- 6200 लीटर केरोसिन साजन साउंड सर्विस के पीछे मैदान में रखा था
28 फरवरी 2008- 900 लीटर केरोसिन ड्रमों में भरकर लोकोखोली में एक मकान के पीछे झाड़ियों में छुपाकर रखा गया था