bhaskar Web English
HomeNewsMadhya PradeshGwalior Gwalior

पानी के लिए मोहताज हैं गांवों के लोग

करैरा. मड़ीखेड़ा बांध के डूब क्षेत्र के लगभग एक दर्जन गांवों के विस्थापित ग्रामीण एक-एक बूंद पानी के लिए परेशान हैं। शिवपुरी-झांसी मार्ग पर सिरसौद के निकट बसाए गए नए गांव में इन्हें पानी का कोई स्त्रोत न होने से दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है।

विस्थापित ग्रामीणों की हालत यह है कि जहां इन्हें बसाया गया है वहां लगभग दस हजार की आबादी पर मात्र तीन हैंडपंप हैं। लगातार घटते जल स्तर से ये हैंडपंप भी कभी भी साथ छोड़ सकते हैं। ऐसी स्थिति में कई ग्रामीण पुनर्वास स्थल से काफी दूर से पानी ला रहे हैं। इस पानी से इन परिवारों की प्यास तो बुझ जाती है, लेकिन और आम जरूरत व मवेशियों के लिए पानी नहीं मिल पाता है।

विस्थापित गांव कांठी, मितलोनी, दांगीपुरा और रामपुरा के रामदीन, राकेश, लीला के अनुसार नए गांव के नलकूप पानी छोड़ चुके हैं। विस्थापित बलवीर, दिनेश कहते हैं कि खाने के तो पहले ही लाले पड़े हुए थे अब पानी के लिए मोहताज हो गए हैं। विस्थापितों का तो यहां तक कहना है कि पानी के अभाव में मवेशियों के मरने का सिलसिला शुरू हो गया है, जिससे हालात और भी अधिक खराब हो गए हैं। इन हालातों में यह ग्रामीण पलायन के लिए मजबूर हो गए हैं।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: