News
Metros
Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. एक्सपोज्ड कंक्रीट और ब्रिक वर्क की वजह से चंडीगढ़ का अलग वजूद बरकरार है, लेकिन वक्त ने उन इमारतों पर कालिख पोत दी, जिनके लिए ली काबरूजिए को हर दम याद किया जाता रहा है। रही-सही कसर उन लोगों ने पूरी कर डाली जिन्हें एक्सपोज्ड कंक्रीट की अहमियत का इल्म नहीं और इन्होंने हरा, लाल, नीला या फिर पीला जो रंग मन में आया वही इन बिल्डिंग्स पर पुतवा दिया।
सिटी सेंटर सेक्टर-17 और सब सिटी सेंटर सेक्टर-34 में बहुत सी बिल्डिंग्ज की यही दुर्दशा है। अब चंडीगढ़ प्रशासन का ध्यान इस ओर गया है कि इन इमारतों से कालिख दूर की जानी चाहिए और इनका वास्तविक स्वरूप लौटाया जाना चाहिए, ताकि काबरूजिए का काम चमकता रहे।
फिलहाल पुरानी और खास अहमियत की बिल्डिंग्ज मसलन हाईकोर्ट, मेन सेक्रेटेरिएट, यूटी सेक्रेटेरिएट, विधानसभा और सेक्टर-17 प्लाजा को इस लिस्ट में शामिल किया गया है। काबरूजिए की इन इमारतों को साफ करने के हालिया आदेश पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक जनरल (रिटायर्ड) एस. एफ. रोड्रिग्स ने प्रशासन को दिए हैं।
बनाया जाएगा मेंटीनेंस स्क्वायड
फाइनेंस सेक्रेटरी संजय कुमार की ओर से इस बाबत जब एक नोट रोड्रिग्स को भेजा गया तो उन्होंने लिखा कि बिल्डिंग्स को साफ तो किया ही जाना चाहिए साथ ही इनकी लगातार सफाई होती रहे। दोबारा इनकी हालत न बिगड़े इसके लिए मेंटीनेंस स्क्वायड बनाया जाए, जो इन्हें नियमित तौर पर साफ करवाता रहे।
रोड्रिग्स के आदेश पर फाइनेंस सेक्रेटरी ने इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट से इन बिल्डिंग्स को साफ करने के लिए फौरन जरूरी कदम उठाने को कहा है। इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के एक सीनियर अफसर कहते हैं कि जल्द ही सफाई का काम शुरू हो जाएगा। जहां बिल्डिंग्स को पेंट किया गया है, उसे फायर लैंप की मदद से उतारा जाएगा।