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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़.
1965 और 1971 के युद्धबंदियों की रिहाई, मानव तस्करी, ज्वाइंट पेट्रोलिंग, वेस्टर्न सेक्टर में कंटीले तार लगाने व सुरक्षा चौकियां स्थापित करने और नारकोटिक्स की स्मगलिंग रोकने आदि मुद्दों को लेकर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और पाक रेंजर्स के बीच बुधवार को यहां बातचीत शुरू हुई।
युद्ध बंदियों की रिहाई के मसले पर 14 सदस्यीय पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के नेता मेजर जनरल मोहम्मद हारून असलम ने कहा कि इस मुद्दे को दोनों देशों के विदेश मंत्रालय स्तर पर उठाया जा रहा है। दोनों देश इस पर काम कर रहे हैं और युद्धबंदियों की रिहाई की कुछ उम्मीद बंधी है।
बीएसएफ प्रतिनिधिमंडल की अगुआई एडिशनल डायरेक्टर जनरल (वेस्ट) जीएस गिल कर रहे हैं। गिल ने युद्धबंदियों की रिहाई के मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की। पाकिस्तान में नई लोकतांत्रिक सरकार बनने के बाद दोनों देशों के सुरक्षा बलों की यह पहली द्वि-वार्षिक मीटिंग हो रही है, जो 29 मार्च तक चलेगी।
पाक प्रतिनिधिमंडल बुधवार दोपहर 12.30 बजे होटल माउंटव्यू पहुंचा। वहां बीएसएफ के एडीजी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उसका स्वागत किया। पाकिस्तानी दल के देरी से पहुंचने से मीटिंग भी पंजाब भवन में देरी से शुरू हो पाई।
आतंकवाद और घुसपैठ एजेंडे में नहीं : पाकिस्तान सरकार जम्मू सीमा को कश्मीर की तर्ज पर लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल मानती है। एडीजी गिल ने बताया कि आतंकवादियों की घुसपैठ जम्मू-कश्मीर की सीमा से होती है, लेकिन पाकिस्तान रेंजर्स जम्मू सीमा को इंटरनेशनल बॉर्डर का हिस्सा नहीं मानते। ऐसे में इस मुद्दे पर चर्चा नहीं होगी।
दिल्ली-आगरा घूमेंगे
पाकिस्तानी दल के सदस्य और उनके परिवार आगरा व दिल्ली के ऐतिहासिक स्मारकों को देखने जाएंगे। इसके लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
इन पर बात
1. बीएसएफ और पाकिस्तान रेंजर्स के बीच अवैध रूप से लोगों को बॉर्डर पार कराने को लेकर मतभेद है।
2. बॉर्डर पर बीएसएफ और पाक रेंजर्स में ज्वाइंट पेट्रोलिंग पर सहमति बनाई जाएगी।
3. भारत के वेस्टर्न सेक्टर पर कंटीले तार और सुरक्षा चौकियों को स्थापित करने, उनके रख-रखाव को लेकर बातचीत होगी।
4. पश्चिमी पाकिस्तान और अफगानिस्तान से नारकोटिक्स की स्मगलिंग रोकना।