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International International वाशिंगटन/बीजिंग.
अमेरिका ने तिब्बत मामले में चीन पर दबाव बढ़ा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज डब्ल्यू बुश ने चीन से तिब्बत की निर्वासित सरकार के प्रतिनिधियों से चर्चा करने का अनुरोध किया है। उधर, गुरुवार को ल्हासा में विदेशी पत्रकारों के भ्रमण के दौरान भिक्षुओं ने फिर प्रदर्शन किया।
बुश ने बुधवार को चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ से फोन पर चर्चा की। उन्होंने तिब्बत के हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि चीन को दलाई लामा के प्रतिनिधियों से बातचीत का सिलसिला शुरू करना चाहिए। साथ ही राजनयिकों और पत्रकारों को तिब्बत जाने से नहीं रोका जाना चाहिए। यह जानकारी अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्टीफन हैडली ने दी।
चीन ने दिया जवाब : जिंताओं ने बुश से कहा कि तिब्बत और अन्य इलाकों में हिंसक अपराधों के पीछे दलाई लामा का दिमाग ही काम कर रहा है। उन्होंने दुहराया कि तिब्बत और ताइवान चीन के अभिन्न अंग हैं।
भिक्षुओं ने किया हंगामा : तिब्बत की राजधानी ल्हासा में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कुछ बौद्ध भिक्षुओं ने हंगामा कर दिया। विदेशी पत्रकारों के ल्हासा के सरकारी भ्रमण के दौरान भिक्षुओं ने दलाई लामा जिंदाबाद और तिब्बत के पक्ष में नारे भी लगाए।