चेन्नई.
मैच फिक्सिंग के आरोपी व टीम इंडिया के पूर्व कप्तान मो.अजहरुद्दीन को इस बात का अफसोस है कि चेन्नई में आयोजित कुंबले सम्मान समारोह में टीम के कई खिलाड़ियों ने उनसे बातचीत की लेकिन मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर खफा-खफा से रहे।
क्रिकेट की मुख्यधारा से जुड़ने को बेताब अजहर बीसीसीआई के आमंत्रण पर चेन्नई आए थे। वहां से वे सबसे पहले मुंबई लौट भी गए। उन्हें इस बात की बहुत खुशी है कि कप्तान अनिल कुंबले ने उन्हें अभी भी याद रखा है। उल्लेखनीय है कि कुंबले ने समारोह के मंच से अजहर की तारीफ की थी।
धोनी की कप्तानी दादा जैसी : अजहर से जब महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कम समय में धोनी ने बढ़िया कप्तानी की है। उनकी कप्तानी सौरव गांगुली जैसी ही है। अजहर को इस बात का मलाल है कि इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एंड्रयू फ्लिंटॉफ उनसे बल्लेबाजी के टिप्स ले सकते हैं लेकिन भारत का एक भी बल्लेबाज उनके पास नहीं फटकता है।
क्यों नहीं बोले सचिन : अजहर से सौरव व राहुल ने थोड़ी सी बात की लेकिन सचिन के दूर रहने का कारण यह समझा जा रहा है कि अजहर के कारण भारतीय क्रिकेट जिस तरह से बदनाम हुआ वह मास्टर ब्लास्टर भुला नहीं पा रहे हैं। वे नहीं चाहते हैं कि अजहर को फिर से क्रिकेट का प्लेटफॉर्म मिले और वे पुरानी हरकतों को दोहराएं।