नई दिल्ली. दुनिया की मशहूर वाहन कंपनी डेमलर के वाहनों के भारतीय संस्करण जल्द ही भारत में दिखाई देने वाले हैं। सरकार ने डेमलर और हीरो समूह के साझा उपक्रम को मंजूरी दे दी है।
यह उपक्रम व्यावसायिक वाहनों के उत्पादन, विपणन और निर्यात में साझेदारी करेगा। समझौते के तहत 2,750 करोड़ रुपए की योजना में भारत के हीरो समूह की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत होगी जबकि मुख्य 60 प्रतिशत हिस्सेदारी जर्मनी की डेमलर ट्रक्स के पास रहेगी।
क्या है योजना:
जर्मन कंपनी हल्के, मध्यम श्रेणी के व भारी वाहनों को भारतीय स्थितियों के हिसाब से परिवर्तित कर के बनाएगी। इससे उसे भारतीय बाजार में घुसने में तो मदद मिलेगी ही एशियाई बाजारों के लिए भी उसका रास्ता साफ होगा। कंपनी को प्रतिस्पर्धी उत्पादन का लाभ भी प्राप्त होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार यह समझौता ऐसे समय पर हुआ है जब वोल्वो सरीखे अंतरराष्ट्रीय दिग्गज भारतीय बाजार में प्रवेश कर रहे हैं।
डेमलर के अधिकारियों ने कहा कि उनके लिए भारत एक बड़ा मार्केट होने के साथ ही उत्पादन क्षेत्र भी होगा, जहां से वे निर्यात भी करेंगे।
डेमलर व हीरो के बीच हुए समझौते पर पहले फारेन एक्सचेंज प्रमोशन बोर्ड ने मुहर लगाई। उसके बाद वित्तीय मामलों की संसदीय कमेटी ने भी इस पर अपनी स्वीकृति दे दी। इस समझौते से देश को 1650 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश प्राप्त होगा।