नई दिल्ली. एक ही कापरेरेट हाउस रिलायंस से तीन शीर्ष लोगों के राज्यसभा सदस्य चुने जाने से राजनीतिक हलकों में एक नई बहस ने जन्म ले लिया है। कुछ इसे एक नए ट्रेंड की शुरुआत के तौर पर देख रहे हैं।
रिलायंस ग्रुप के एनके सिंह, परिमल नाथवानी और वाईसी त्रिवेदी क्रमश: बिहार, झारखंड और महाराष्ट्र से राज्यसभा में प्रवेश करने में कामयाब हुए हैं। इन तीनों का चयन बुधवार को हुआ था।
कापरेरेट हाउस के लोगों के विभिन्न कमेटियों से जुड़ने पर इसका कारोबार की दुनिया पर पड़ने वाले असर की चर्चा तो होती ही रहती है। अभी हाल ही में उस वक्त काफी विवाद हुआ था जब यूबी ग्रुप व किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक विजय माल्या की नियुक्ति नागरिक उड्डयन मंत्रालय की एक सलाहकार समिति में हुई थी। कुछ सांसदों ने आरोप लगाया था कि वे इसका दुरुपयोग अपने कारोबार को फायदा पहुंचाने के लिए कर सकते हैं।