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सिमी का भोपाल से रिश्ता

भोपाल.b देशद्रोही संगठन सिमी का भोपाल से गहरा रिश्ता रहा है। इसका सदर चीफ मुनीर देशमुख लंबे समय तक यहां रहा। गुरुवार को इंदौर पुलिस की गिरफ्त में आया सिमी का स्टेट चीफ सफदर नागौरी कई बार भोपाल आ चुका है। उसने मुनीर के साथ मिलकर भोपाल में सिमी के कई कार्यकर्ता जोड़े।

सूत्र बताते हैं कि वर्ष 1998 में सफदर मुनीर के शाहपुरा स्थित मकान पर लंबे समय तक रहा। वर्ष 2000 में उसने पुराने भोपाल के एक मदरसे में कश्मीर व चेचन्या के आतंकियों से संबंधित फिल्म का प्रदर्शन भी किया।

भोपाल में ही पकड़ाया था इमरान अंसारी-11 जुलाई 2006 को मुंबई में हुए सिलसिलेवार विस्फोटों के बाद जब पूरे देश की पुलिस सिमी के नेताओं को तलाश रही थी उस समय भोपाल में सिमी का जनरल सेकेट्ररी इमरान अंसारी पकड़ा गया था। इमरान ऐशबाग थाना क्षेत्र के बागफरहतअफ्जा में रह रहा था। उसकी गुजरात पुलिस को भी तलाश थी।

कौन है सफदर नागौरी-सफदर नागौरी उज्जैन जिले के महिदपुर का रहने वाला है। उसका पिता जहुरुल हसन पुलिस में एएसआई था। सफदर विक्रम विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक है। वह सिमी की एक पत्रिका का संपादन करता था और आतंकवाद पर शोध भी किया।

गौरतलब है कि समझौता एक्सप्रेस में जो जिन बैग में विस्फोटक रखे गए थे, वे इंदौर के कोठारी के मार्केट से खरीदे गए थे। मुंबई व समझौता एक्सप्रेस के विस्फोटों में सिमी का नाम आया था।। इस मामले में पकड़े गए एहतेशाम सिद्दीकी ने इसमें सफदर का हाथ होने की बात बताई थी।

इन जिलों में है जबर्दस्त नेटवर्क: सिमी का नेटवर्क भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रायसेन, खंडवा, बुरहानपुर, जबलपुर और सिवनी जिले में है। मुंबई बम कांड के बाद खंडवा और बुरहानपुर से तीन-तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई थी।

क्या करता है सिमी संगठन

1977 में अलीगढ़ में सिमी का गठन हुआ। इसका पहला अध्यक्ष सईद बद्र फलाही था। सिमी छात्रों के बीच में काम करने गठित किया गया था। वह आतंकियों को स्थानीय संपर्क के रूप में मदद करता है। साथ ही आतंकियों के विचारों का साहित्य और इंटरनेट के जरिए प्रचार करता है। सिमी के संबंध लश्करे तैयबा से बताए जाते हैं।

वर्ष 2001 से प्रतिबंधित

सिमी पर सितंबर 2001 में पहली बार विधि विरुद्ध क्रियाकलाप अधिनियम के तहत प्रतिबंध लगा। इसके बाद इसे 2003 में बढ़ाया। सितंबर 2005 में केंद्र ने दोबारा प्रतिबंध लगाने में देरी की। फरवरी 2006 में फिर प्रतिबंध लगा।

मप्र में 82 मामले

सिमी कार्यकर्ताओं पर मप्र के विभिन्न जिलों में 82 मामले दर्ज हैं। देशद्रोही गतिविधियों, आपत्तिजनक साहित्य के 32 प्रकरण प्रतिबंध के पहले दर्ज थे। प्रतिबंध के बाद 50 और मामले दर्ज किए गए।





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