मुम्बई. जी हां, अब अपराध की दुनिया में भी विलय होने लगा है। पाकिस्तान की आतंकवादी संगठन लश्कर ए तोइबा ने इस दिशा में बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए भारत में तकरीबन एक दशक तक सक्रिय रही दाउद इब्राहिम के गैंग 'डी कंपनी' के साथ हाथ मिलाया है और इस विलय में आईएसआई ने प्रमुख भूमिका निभाई है ।इस विलय के साथ ही डी कंपनी की दशा और दिशा दोनों ही बदल जाएगी। अब वे भी लश्कर के साथ धर्म के नाम पर आतंक फैलाएगें। इस विलय के प्रमुख उद्देशय भारत में आतंक फैलाना है।
भारतीय खुफिया विभाग के आला अधिकारी ने इस बात की सूचना देते हुए बताया कि अंडर वल्र्ड गैंग'डी कंपनी' और लश्कर के जेहादी एक साथ हो गए हैं। यह विलय भारत की आतंरिक सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है।
गौरतलब है कि डी कंपनी और आईएसआई का रिश्ता बहुत पुराना है। आईएसआई ने डी कंपनी की मदद मे बॉम्बे में 1993 सीरियल बम ब्लास्ट कराया था। 1993 सीरियल बम ब्लास्ट के बाद दाउद छोटा राजन के साथ पाकिस्तान भाग गया था और तभी से आईएसआई दाउद की लगातार मदद करती आ रही है।