नालंदा. बिहार के इस जिले में शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है जिससे साबित हो गया है कि बिहार में कानून व्यवस्था कितनी लचर है। नालंदा में पुलिस की मौजूदगी में थाना परिसर में लोगों ने डायन करार देते हुए एक दलित महिला को बुरी तरह से पीटा।
एक समाचार चैनल पर दिखाए जा रहे फुटेज के हिसाब से इस महिला को एक पेड़ के तने के साथ रस्सी से बांधकर पुरुषों और महिलाओं ने उसे बेदर्दी से पीटा। फुटेज में दिखाई दे रहा है कि सामने ही पुलिस खड़ी है लेकिन बतौर मूकदर्शक। जानकारी के मुताबिक इस महिला के बाल भी काट दिए गए हैं।
गौरतलब है कि नालंदा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का चुनाव क्षेत्र है और यहां इस तरह की घटना से कानून और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवालिया निशान लगा है। मुख्यमंत्री की ओर से अब तक कोई बयान नहीं आया है हालांकि बताया जा रहा है कि इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। लेकिन, रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस इस मामले को रफा-दफा करने की पूरी कोशिश कर रही है।
इस महिला का नाम लाल परी बताया जा रहा है और इसको डायन करार देने वाले का नाम अयोध्या राय। इस महिला के साथ मारपीट करने के बाद लोगों ने इसे पूरे गांव में घुमाया गया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अधमरी हो चुकी यह महिला सदमे में है।
बिहार पुलिस के प्रवक्ता अनिल सिन्हा ने चैनल से बातचीत करते हुए कहा कि पुलिस की मौजूदगी में यह वाकया नहीं हुआ है और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गिरफ्तारी की है। सिन्हा ने पुलिस पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए बिहार को बदनाम करने की कोशिश करार दिया।
अंधविश्वास : इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कारण है अंधविश्वास। इस महिला को डायन समझा गया और बुजुर्गो द्वारा उसे डायन करार दिए जाने पर लोगों ने अमानवीय तरीके से मारपीट की। गिरफ्तार किए गए एक व्यक्ति ने कहा है कि उसने कुछ गलत नहीं किया क्योंकि वह महिला एक डायन थी।
महिला आयोग ने कहा : महिला आयोग की एक सदस्य ने टीवी चैनल से बातचीत करते हुए कहा आयोग इस तरह के अत्याचारों को लेकर संवेदनशील है और कार्रवाई करने के लिए तत्पर भी। आयोग की इस सदस्य ने यह भी माना कि अंधविश्वास के चलते इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं।