नई दिल्ली: पश्चिमी देशों की तरह अब भारत में भी मैनेजमेंट की शिक्षा ले रहे छात्र-छात्राएं इंटर्न (प्रशिक्षु) बनकर सांसदों के साथ काम करेंगे। इससे सांसदों को जहां मैनेजमेंट के गुर सीखने को मिलेंगे, वहीं उनके क्षेत्र की जनता को भी इसका फायदा मिलेगा।
सामाजिक क्षेत्र विकास के अंतर्गत अब जून 2008 से छात्र-छात्राएं सांसदों के साथ इंटर्नशिप कर सकेंगे। आईआईएम-अहमदाबाद ने इस प्रस्ताव पर स्वीकृति दे दी है।
मुफ्त का मैनेजर : योजना के लागू होने से सांसदों को अपने क्षेत्र के विकास के लिए मुफ्त में विशेष योग्यता वाला मैनेजर मिल जाएगा। प्रत्येक सांसद को सांसद निधि के रूप में दो करोड़ की राशि मिलती है। कई मामलों में वे इस राशि का पूरा उपयोग नहीं कर पाते। मैनेजमेंट के छात्र सांसदों को निधि का सर्वश्रेष्ठ तरीके से उपयोग करना सिखाएंगे। यह छात्रों के कैरियर को बढ़ावा देने के लिए भी अच्छा अवसर साबित होगा।
येचुरी का आइडिया : मैनेजमेंट के छात्रों से इंटर्नशिप करवाने का सुझाव पहली बार माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य सीताराम येचुरी ने पिछले साल दिया था। बाद में छात्रों के एक समूह ने आईआईएम-अहमदाबाद के प्रबंधन से भेंट कर सांसदों के साथ काम करने की इच्छा जताई थी। फिलहाल कुछ छात्र येचुरी और कुछ पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता अरुण शौरी के साथ काम करना चाहते हैं।