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International International बीजिंग: तिब्बत के मामले में चीन की भारत से नाराजगी खुलकर सामने आ गई है। शुक्रवार को वह विदेशी राजनयिकों के एक दल को हिंसाग्रस्त ल्हासा के दौरे पर ले गया,लेकिन इसमें भारतीय राजनयिक को नहीं बुलाया गया। चीन ने यह कदम तिब्बत में जारी दमन को रोकने और दलाई लामा से बातचीत के लिए बढ़ते अंतर्राष्ट्रीय दबाव के बाद उठाया।
जल्दी में आयोजित इस यात्रा में चीन विदेशी राजनयिकों को ल्हासा ले गया। इसका उद्देश्य दुनिया को यह तसल्ली दिलाना था कि यहां उसके बयान के अनुसार ही सबकुछ ठीकठाक है। इस यात्रा का आमंत्रण भारतीय दूतावास को नहीं भेजा गया।
इस समुह में अमेरिका, ब्रिटेन,रूस,फ्रांस,जापान,तंजानिया, ब्राजील, सिंगापुर,स्पैन,कनाडा, इटली के राजनयिक शामिल थे।
ज्ञातव्य है कि तिब्बत मामले में संवदेनशील चीन ने पिछले सप्ताह भारतीय दूत निरूपमा राव को मध्यरात्रि में समन भेजकर नई दिल्ली स्थित चीनी दूतावास में तिब्बतियों के एक समुह के घुसपैठ पर चिंता जताई थी।