जयपुर. कर्मचारी संघों व संस्थाओं के चुनावों में कार्यालय समय में सभा करने पर लगाई गई रोक का विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने विरोध किया है। सरकार के इस निर्णय को कर्मचारी संगठनों ने लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए कहा कि इस तानाशाही रवैये को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसे वापस लेने के लिए प्रदेशभर में आंदोलन चलाया जाएगा।
गौरतलब है कि कार्मिक विभाग के शासन सचिव संजय मल्होत्रा ने कर्मचारी संगठनों व संस्थाओं के चुनाव के दौरान कार्यालय समय में चुनावी सभा पर रोक लगा दी है। राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को जारी किए गए परिपत्र में उन्होंने हिदायत दी है कि चुनाव में प्रत्याशी व उनके समर्थक कार्यालय समय में शोर शराबा व नारेबाजी नहीं करें। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी प्रत्याशी कार्यालय समय में कर्मचारियों से जनसंपर्क नहीं करें, क्योंकि इससे राजकार्य में बाधा उत्पन्न होती है।
चुनाव में प्रत्याशियों को निर्धारित स्थान पर पोस्टर व बैनर लगाने के निर्देश दिए हैं। शासन सचिव ने परिपत्र में लिखा है कि इसके बावजूद भी कोई कर्मचारी चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
कर्मचारी नेताओं का कहना है..
सरकार के इस आदेश के खिलाफ महासंघ मूकदर्शक नहीं रहेगा।
—अरुण शुक्ला, प्रदेश महामंत्री, अ. राज. राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत)
सरकार प्रजातंत्र का गला घोट रही है। इसे कर्मचारी बर्दाश्त नहीं करेंगे। कर्मचारी वर्ग सत्ता पक्ष का प्रचार करे तो सरकार खुश रहती है। सरकार के मंत्रियों को भी आचार संहिता के बाद इस्तीफा देकर ही चुनाव प्रचार में जाने चाहिए।
—महमूद खान, प्रदेशाध्यक्ष अ. राज. राज्य कर्मचारी फेडरेशन
किसी भी सरकार ने आज तक इस तरह की रोक नहीं लगाई है। यह सरकार का तानाशाहीपूर्ण निर्णय है। इसके विरोध में कर्मचारी आंदोलन करेंगे।
—सूरज प्रकाश टाक, प्रदेश संयोजक राज. राज्य कर्मचारी मंत्रालयिक संयुक्त (एकता) संघर्ष समिति
कर्मचारी कार्यालय समय में चुनाव प्रचार नहीं करेगा तो कब करेगा। सचिवालय के कर्मचारी जयपुर में पचास किमी के दायरे मेंफैले हुए हैं। इतने बड़े क्षेत्र में प्रचार करना संभव नहीं है। यह सरकार का गलत निर्णय है। इस आदेश को वापस लेने के लिए आंदोलन किया जाएगा।
—शंकरसिंह मनोहर, अध्यक्ष सचिवालय कर्मचारी संघ