जयपुर. सीबीएसई स्कूलों में नया शिक्षा सत्र 1 अप्रैल से शुरू होने को है, लेकिन बाजार में करीब 40 फीसदी किताबें नहीं मिल रहीं। शुरुआती चार कक्षाओं को छोड़ दिया जाए तो शेष कक्षाओं का पूरा कोर्स नहीं मिल पा रहा।
एनसीईआरटी किताबों के होलसेलरों का कहना है कि नए सत्र के लिए दो बार माल की सप्लाई हुई है, लेकिन पूरी किताबें नहीं आईं। कुछ का कहना है कि सभी किताबें अगले माह के अंत तक ही उपलब्ध हो पाएंगी। कक्षा 5 और 8 के पाठ्यक्रम में बदलाव के कारण इन कक्षाओं की ज्यादातर किताबें नहीं पहुंची हैं। जयपुर में ज्यादातर स्कूल 7 अप्रैल तक खुल जाएंगे।
बाजार में ये किताबें नहीं
कक्षा-6 : सामाजिक विज्ञान, गणित, हिंदी सप्लीमेंट्री रीडर-बाल रामकथा, विज्ञान।
कक्षा-7 : विज्ञान, हिंदी, सामाजिक विज्ञान, हिंदी सप्लीमेंट्री रीडर-महाभारत।
कक्षा-9 : सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी व हिंदी वर्जन, डिजास्टर मैनेजमेंट।
कक्षा-10 : सामाजिक विज्ञान।
कक्षा-12 : अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान, इकोनोमिक्स, समाजशास्त्र।
सत्र की शुरुआत में किताबों को लेकर परेशानी रहती है। जो किताबें उपलब्ध नहीं हैं उनके चैप्टर साइट से डाउनलोड कर पढ़ाए जाएंगे। वैसे अगले कुछ दिनों तक बाजार में सभी किताबें आने की उम्मीद है।’’
—अशोक गुप्ता, सदस्य, सीबीएसई शासी परिषद
छोटी कक्षाओं को छोड़कर अन्य कक्षाओं की करीब 40 फीसदी किताबें बाजार में नहीं हैं। कुछ व्यापारी पुराना स्टॉक बेच रहे हैं। जो दो खेप अलॉट हुई थी, उनमें भी काफी कम माल पहुंचा।’’
—मनीष भारद्वाज, होलसेल बुकसेलर्र
सेशन की शुरुआत में किताबें नहीं मिलने से सत्र की शुरुआत ही खराब हो जाती है। किताबें जल्दी बाजार में पहुंचनी चाहिए ताकि पढ़ाई का टैंपो बन सके।
—अनिरुद्ध शर्मा, छात्र, कक्षा दसवीं