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राज्यपाल ने कहा-कौन है दिलावर?

जयपुर.skराज्यपाल एस.के. सिंह के संवैधानिक अधिकारों को लेकर एक के बाद एक मंत्री टिप्पणियां करते जा रहे हैं। पहले उद्योग मंत्री दिगंबर सिंह ने राज्यपाल को सीमा में रहने की नसीहत दी। गुरुवार को सामाजिक न्याय मंत्री मदन दिलावर ने उनके संवैधानिक अधिकारों पर सवाल खड़ा कर दिया।

खाद्य मंत्री घनश्याम तिवाड़ी भी कुछ दिन पहले विधानसभा में तत्कालीन राज्यपाल प्रतिभा पाटील की ओर से विधेयक पर दस्तखत नहीं करने को गलत ठहरा चुके हैं। राज्यपाल के पद और उनके संवैधानिक अधिकारों के संबंध में मंत्रियों की टिप्पणियों को लेकर भास्कर ने राज्यपाल एस.के. सिंह से बात की।

>> राज्य के सामाजिक न्याय मंत्री मदन दिलावर ने आपके अधिकारों पर टिप्पणी की है?
>> ये दिलावर कौन है? मैं किसी दिलावर को न तो जानता हूं और न ही देखा है।

>> केबिनेट स्तर के मंत्री हैं और उन्होंने कहा है कि यह लोकतंत्र की खामी ही है कि मनोनीत व्यक्ति चुने हुए जनप्रतिनिधियों के तैयार किए एजेंडे पर दस्तखत नहीं करते।
>> ऐसी टिप्पणी करने से पहले उन्हें संविधान का अच्छी तरह से ज्ञान लेना चाहिए।

>> इनसे पहले भी उद्योग मंत्री डा. दिगंबरसिंह और खाद्य मंत्री घनश्याम तिवाड़ी राज्यपाल के संवैधानिक अधिकारों पर टिप्पणियां कर चुके हैं।
>> ऐसे लोगों को संविधान में पहले अपने कर्तव्य और दायित्व पढ़ने चाहिए।

>> लेकिन क्या उच्च संवैधानिक पद पर बैठे लोगों के बारे में इस तरह की टिप्पणियां उचित है?
>> कर्तव्य और दायित्वों में सब कुछ आ जाता है। इसमें यह भी शामिल ह कि किसे कैसा शिष्टाचार रखना चाहिए।

क्या कहा था दिलावर ने

धर्म विधेयक पर दिलावर ने गुरुवार को बीकानेर में कहा था कि एक मनोनीत व्यक्ति जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों के एजेंडे पर दस्तखत नहीं करें, यह लोकतंत्र की ही खामी है।

अब क्या कहते हैं

राज्यपाल महोदय के प्रति मेरा पूरा सम्मान है। यह तो कानून की उस खामी पर सवाल है जो राज्यपाल को चुने हुए प्रतिनिधियों के एजेंडे पर हस्ताक्षर न करने का अधिकार देते हैं।

क्या कहा था दिगंबरसिंह ने

उद्योग मंत्री दिगंबरसिंह ने 28 नवंबर को बीकानेर में कहा था कि राज्यपाल को सीमा में रहकर बोलना चाहिए।

अब क्या कहते हैं

हमें इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। राज्यपाल महोदय भी ध्यान रखें कि वे राजनीति से प्रेरित काम न करें।

विधानसभा में यह कहा था तिवाड़ी ने

कानून मंत्री घनश्याम तिवाड़ी ने तत्कालीन राज्यपाल श्रीमती प्रतिभा पाटील के बारे में कहा था कि पुराने विधायक को राष्ट्रपति को भेजने की प्रक्रिया में गलती थी।

अब क्या कहते हैं

जो बोला सदन में बोला। बाहर राज्यपाल के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की। अब इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहता।





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