नई दिल्ली.
राजस्थान में दो केंद्रीय विश्वविद्यालयों की मांग को पूरा करते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने प्रधानमंत्री की सहमति के बाद शुक्रवार को जयपुर में वर्ल्ड क्लास युनिवर्सिटी खोलने की घोषणा की है। राज्य में वर्ल्ड क्लास विवि के अलावा एक और केंद्रीय विवि खोला जाएगा। इसकी जगह बाद में तय की जाएगी।
देश में कुल 14 वर्ल्ड क्लास विवि और 16 नए केंद्रीय विवि, चार नए आईआईटी और छह नए आईआईएम बनाए जाने की घोषणा मानव संसाधन मंत्री ने की है। सिंह ने कहा है कि उन्होंने इन प्रस्तावों पर प्रधानमंत्री को राजी कर लिया है। गौरतलब है कि नए आईआईटी, आईआईएम और केंद्रीय विवि के प्रस्तावों को प्रधानमंत्री कुछ माह पहले मैकेनिज्म न होने के आधार पर खारिज कर चुके थे।
विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय यानी..
विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय एजुकेशन हब कैम्पस होगा। इसमें दुनिया के सभी उच्चस्तरीय पाठ्यक्रमों के अलावा मानविकी के साथ इंजीनियरिंग और मेडिकल के संस्थान भी स्थापित करने की योजना है। मानव संसाधन मंत्री ने कहा कि इसका प्रारूप तय किया जा रहा है। इसके बाद पूरी तस्वीर सामने आएगी। दुनिया के नामी-गिरामी संस्थानों से प्रतिस्पद्र्घा के लिए उपयुक्त आधारभूत ढांचा और हाईटेक कैम्पस की अवधारणा के साथ ये परिसर विकसित किए जाएंगे।
कितना होगा खर्च
14 विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय के लिए 11वीं योजना में 2800 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। वर्ष 2008-09 के लिए 60 करोड़ रुपए दिए गए हैं। जमीन का प्रबंध राज्य सरकार को मुफ्त करना होगा। मानव संसाधन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकारें जितनी जल्दी जमीन मुहैया कराएंगी, काम उतनी जल्दी शुरू हो सकेगा। केंद्रीय विवि के लिए 1000 एकड़ जमीन की जरूरत होती है। जेएनयू एक हजार एकड़ से ज्यादा और हैदराबाद केंद्रीय विवि लगभग ढाई हजार एकड़ में फैला है।
यहां विश्वस्तरीय विवि : जयपुर, भोपाल, अमृतसर, गांधीनगर, ग्रेटर नोएडा, पुणो, कोलकाता, कोयंबटूर, मैसूर, विशाखापट्टनम, पटना, कोच्चि, भुवनेश्वर, और गुवाहाटी में विश्वस्तरीय विवि खुलेंगे।
नए आईआईटी : देश में चार नए आईआईटी मध्यप्रदेश, गुजरात, पंजाब और उड़ीसा में स्थापित किए जाएंगे। मप्र में नया आईआईटी इंदौर में स्थापित किया जाएगा, जबकि बाकी राज्यों में स्थान तय होना बाकी है।
छह नए आईआईएम : छह नए आईआईएम छत्तीसगढ़, हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और तमिलनाडु में स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए अभी तक छत्तीसगढ़ के रायपुर का नाम ही तय हो सका है।
16 केंद्रीय विवि : डॉ. हरिसिंह गौर विवि सागर, गुरु घासीदास विवि बिलासपुर और गोवा विवि को केंद्रीय विवि बनाने का फैसला किया गया है। 13 नए केंद्रीय विवि उन राज्यों में खोले जाएंगे, जहां अभी तक एक भी केंद्रीय विवि नहीं है। इनमें राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, झारखंड, उड़ीसा और बिहार शामिल हैं।
‘सभी फैसलों में राज्य सरकार से राय ली गई हो ऐसा नहीं है, लेकिन सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर पीएम के स्तर पर निर्णय लिए गए हैं।’
-अर्जन सिंह,मानव संसाधन विकास मंत्री