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हर कक्ष में कम्प्यूटर

बीकानेर.bikanerशिक्षा विभाग को ऑन लाइन करने का काम अब पूरा होने को है। शिक्षा तंत्र को कम्प्यूटराइज करने के लिए पांच सरवर लगाए जाएंगे। इसके लिए जयपुर से इंजीनियर बुलाया गया है।

प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग अब शीघ्र ही ऑनलाइन हो जाएगा। विभाग को इंटरनेट नेटवर्किग सिस्टम से जोड़ने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। शिक्षा विभाग के दोनों आयुक्तालयों सहित डीडी, डीईओ और बीईईओ को कम्प्यूटराइज करने का काम छह माह पहले शुरू किया गया था। करीब सात करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट में सभी कार्यालयों में कम्प्यूटर लग चुके हैं।

प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा आयुक्तालय के भी सभी अनुभागों को कम्प्यूटराइज किया जा रहा है। शिक्षा सचिवालय, शिक्षा संकुल तथा एसआईईआरटी में भी कम्प्यूटर लगाए गए हैं। इंटरनेट नेटवर्किग सिस्टम के लिए आयुक्तालय में केबल डाली गई है। इसे शुरू करने के लिए विभाग में विभिन्न स्थानों पर पांच सरवर लगाए जाएंगे। एक सरवर शिक्षा आयुक्तालय में स्थापित किया जाएगा। इसके लिए जयपुर से इंजीनियर को बुलाया गया है।

विभाग को ऑनलाइन करने का काम लगभग पूरा होने को है। राजकॉम को निर्देश दिए गए हैं। इसे द्रुत गति से पूरा किया जाए।
-जे.पी.चंदेलियाप्रारंभिक शिक्षा आयुक्त

वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष के उद्घाटन का इंतजार

प्रारंभिक शिक्षा आयुक्तालय में नव स्थापित वीडियो कांफ्रेंसिंग को उद्घाटन का इंतजार है। विभाग यह तय नहीं कर पाया है कि इसका उद्घाटन किससे करवाया जाए। दो लाख रुपए से अधिक की लागत से वीडियो कांफ्रेंसिंग के लिए अलग से कक्ष तैयार करवाया गया था।

कक्ष को कम्प्यूटर सहित कांफ्रेंसिंग के लिए आवश्यक उपकरणों से सुसज्जित किया जा चुका है। इसके संचालन के लिए आयुक्तालय के दो कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण के लिए जयपुर भेजा गया था। इसकी टेस्टिंग भी हो चुकी है। इंजीनियर कक्ष को ओके कर चुके हैं लेकिन उसके बाद भी इसे शुरू नहीं किया जा सका है। विभाग में सुविधा होने के बाद भी 24 मार्च को वीडियो कांफ्रेंसिंग कलेक्ट्रेट में ही करवाई गई।

शिक्षा ऑनलाइन

कम्प्यूटराइजेशन के बाद शिक्षा विभाग ऑनलाइन हो जाएगा। आयुक्तालय के सभी अनुभागों तथा विभाग के सभी कार्यालयों को इंटरनेट नेटवर्किग सिस्टम से जोड़ा जाएगा। जयपुर का शिक्षा सचिवालय इसका केन्द्र होगा। वहां मौजूद विभाग के उच्च पदस्थ अधिकारियों को बटन दबाते ही किसी भी जिले के स्कूल की सूचना मिल सकेगी। छोटी-छोटी सूचनाओं के लिए फिर डीईओ या बीईईओ कार्यालय पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। शिक्षक संस्थापन्न सहित तमाम सूचनाओं को फीड करने के लिए एक सोफ्टवेयर विकसित किया गया है। शिक्षा आयुक्त को एक लेपटॉप मिलेगा, जो इस सरवर से जुड़ा हुआ होगा।





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