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पालनहार ने दिया दगा

अजमेर. faघूघरा घाटी इलाके में रहने वाले अधेड़ ने ढाई साल की जिस लावारिस बच्ची को बेटी की तरह पाला, जवानी की दहलीज पर कदम रखते ही रिश्तों को शर्मसार कर दिया। करीब तीन साल से ज्यादती सहने के बाद पीड़िता ने मुंह खोला। सामाजिक कार्यकर्ता के साथ एसपी के सामने पेश होकर उसने आपबीती सुनाई। एसपी के आदेश से महिला थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने करतूत कबूल कर ली।

महिला थाना प्रभारी सुशीला बिश्नोई ने बताया कि सामाजिक कार्यकर्ता कामना मिश्रा के साथ शुक्रवार को पंद्रह वर्षीय पीड़िता एसपी आनंद श्रीवास्तव के सामने पेश हुई थी। उसने बताया कि घूघरा घाटी इलाके में रहने वाला ज्ञानचंद शर्मा (54) पुत्र प्रभातीलाल करीब तीन साल से उसके साथ ज्यादती कर रहा है। ज्ञानचंद की बीवी सुनीता को भी मामले की जानकारी है। एसपी श्रीवास्तव के आदेश से पीड़िता के बयान के आधार पर भादंसं की धारा 363, 376 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपी ज्ञानचंद को गिरफ्तार कर लिया गया है। डीएसपी सुलेश चौधरी ने आरोपी से पूछताछ की और पीड़िता के बयान दर्ज किए। पूछताछ में आरोपी ने जुर्म कबूल कर लिया। उसकी पत्नी सुनीता की भूमिका के बारे में तफ्तीश की जा रही है। पीड़िता का मेडिकल मुआयना कराया गया है।

ढाबे पर मिली थी

पुलिस के अनुसार आरोपी ज्ञानचंद शर्मा ने बताया कि पीड़िता उसे करीब तेरह साल पहले ढाई साल की उम्र में उसे रोडवेज बस स्टैंड के बाहर अग्रवाल के ढाबे पर लावारिस हालत में मिली थी। उस समय वह टैक्सी में खलासी था। ढाबे वाले के कहने पर उसने बच्ची को रख लिया और पाला-पोसा। उसने कबूल किया कि करीब तीन साल के दौरान तीन बार उसने बच्ची से ज्यादती की।

बेटे ने दी पिता के खिलाफ गवाही

पुलिस के अनुसार आरोपी ज्ञानचंद शर्मा का पुत्र मुकेश शर्मा पिता की करतूत का विरोध करता था, नाराज होकर वह घरवालों से अलग लोहाखान नई बस्ती में रह रहा था। चार दिन पहले पीड़िता आरोपी ज्ञानचंद का घर छोड़ कर मुकेश के पास गई थी। मुकेश की पत्नी और अन्य लोगों की मदद से वह पुलिस तक पहुंची। महिला थाने में मुकेश ने बयान में पिता ज्ञानचंद की करतूतों का खुलासा किया है।

पोल खुलने पर खाया धतूरा

पुलिस के अनुसार ज्ञानचंद के पुत्र मुकेश के साथ पीड़िता ने नवंबर 07 में सिविल लाइंस थाने में शिकायत की थी। पोल खुलने के बाद ज्ञानचंद ने धतूरा खा लिया था। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। तब तरस खाकर पीड़िता ने कार्रवाई से इनकार कर दिया था।

पिता की सदमे से मौत

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि ज्ञानचंद प्राइवेट फर्म में सुरक्षा गार्ड है। करीब दो साल पहले ज्ञानचंद के पिता रिटायर्ड पुलिस कर्मी प्रभातीलाल को उसकी करतूत का पता चला तो सदमे से उसकी मौत हो गई। दूसरी ओर ज्ञानचंद की पत्नी सुनीता इसके लिए पीड़िता को ही जिम्मेदार ठहराती थी। पति का विरोध करने की बजाए सुनीता उससे मारपीट करती थी।

चार पत्नियों के बाद भी

पुलिस के अनुसार ज्ञानचंद ने चार शादियां की। पहली और दूसरी पत्नी छोड़ कर चली गई, तीसरी की मौत हो गई और सुनीता चौथी पत्नी है। मुकेश ज्ञानचंद की तीसरी पत्नी की संतान है।

मां-बाप की तलाश

महिला थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़िता के माता-पिता की तलाश की जाएगी। ज्ञानचंद ने 1995-96 में रोडवेज बस स्टैंड के बाहर ढाबे से उसे लाना बताया है। ज्ञानचंद का कहना है कि खानाबदोश महिलर ज्योति ने पांच साल पहले बच्ची पर हक जताया था, लेकिन बच्ची ने उसके साथ जाने से इनकार कर दिया। ज्ञानचंद बच्ची के असली माता-पिता के बारे में जानकारी नहीं दे पा रहा है।





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