अजमेर. थोक में डाक भेजने वाली कंपनियों की डाक वितरण में आने वाली समस्या को दूर करने के लिए डाक महकमा जल्द ही नई व्यवस्था शुरू करेगा। इसके तहत पिनकोड के साथ बीट पिन कोड भी लिखे जाएंगे। इससे जहां डाक जल्द पहुंचेगी वहीं पोस्टमैनों को भी डाक छांटने की मशक्कत से छुटकारा मिलेगा।
विभाग व्यवस्था उन सरकारी दफ्तर एवं प्राइवेट कंपनियों के लिए शुरू करेगा जिनकी डाक थोक में आती है। इसमें बीएसएनएल सहित प्राइवेट मोबाइल कंपनियों को भी शामिल किया जाएगा। महकमा ऐसी कंपनियों को उपभोक्ताओं के इलाके का बीट कोड बताएगा। यह कोड पिन कोड के पिछले दो डिजिट में लिखा जाएगा। पिनकोड के साथ बीट कोड से डाक सीधे संबंधित डाकिए को मिलेगी। नई व्यवस्था के कारण डाक छंटनी की मशक्कत से भी डाकियों को राहत मिलेगी। साथ ही वितरण में भी कम समय लगेगा।
1972 में शुरू हुआ था कोड सिस्टम
महकमे ने देश में त्वरित डाक वितरण के लिए 1972 में पिनकोड की शुरुआत की थी। इसके तहत अलग-अलग शहरों के लिए अलग-अलग पिनकोड अलॉट किए गए थे। ये कोड शहर के पते के साथ लिखे जाते थे।
जो दफ्तर या कंपनिया थोक में डाक भेजती हैं उन्हें बीट कोड के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके बाद शहर में यह व्यवस्था शुरू की जाएगी।
-एसआर मीणा, डाक निदेशक, राजस्थान दक्षिणी क्षेत्र