अजमेर. शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने दावा किया है कि अगले शिक्षा सत्र से प्रदेश में इंजीनियरिंग शिक्षा में 25 हजार सीटें हो जाएंगी। सरकार ने कई निजी इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के प्रस्तावों को मंजूर किया है जिससे इनकी संख्या आगामी सत्र में सौ तक पहुंच जाएगी। वर्तमान में प्रदेश में 64 सरकारी व गैर सरकारी इंजीनियरिंग कालेज हैं।
शुक्रवार को देवनानी ने पत्रकारों को बताया कि 64 इंजीनियरिंग कॉलेजों में 20 हजार 700 सीटें हैं। 18 इंजीनियरिंग कॉलेज पीपीपी आधार पर तैयार होंगे, जबकि 12 निजी महाविद्यालयों के प्रस्तावों को एनओसी दे दी गई है। 8 संस्थानों को नि:शुल्क जमीन उपलब्ध करा दी गई है। जो संस्थान अपनी जमीन पर महिलाओं के लिए निजी इंजीनियरिंग महाविद्यालय खोलना चाहते हैं, उन्हें सरकार अपने खर्चे पर भवन बनाकर देगी।
17 विश्वविद्यालयों की और जरूरत
शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने पत्रकारों को बताया कि राष्ट्रीय ज्ञान आयोग ने अपने सर्वे में पाया है कि देश भर में डेढ़ हजार और विश्वविद्यालयों की जरूरत है। इनमें अकेले राजस्थान में 17 विश्वविद्यालय चाहिए। प्रदेश में अभी 12 सरकारी विश्वविद्यालय, 9 निजी विश्वविद्यालय, 8 डीम्ड विश्वविद्यालय हैं। भारत सरकार केन्द्रीय विश्वविद्यालय खोलना चाहती है, इसके लिए अजमेर उपयुक्त स्थान है। सरकार ने तय किया है कि प्रदेश के किसी विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय का रूप देने की बजाय नया स्थापित कराया जाएगा। इसके लिए अजमेर कलेक्टर तीन जगह चिह्न्ति कर प्रस्ताव राज्य सरकार को भिजवा चुके हैं।
118 मिडिल स्कूल क्रमोन्नत होंगे
शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि 30 अप्रैल तक प्रदेश के 3 हजार 118 मिडिल स्कूल सेकंडरी स्कूलों में क्रमोन्नत कर दिए जाएंगे। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। इससे प्रदेश के हर पंचायत स्तर पर एक सीनियर सेकंडरी या सेकंडरी स्कूल हो जाएगा।
मंत्रियों में नहीं तालमेल
शिक्षा राज्यमंत्री देवनानी ने सर्व शिक्षा अभियान के तहत मिली सहायता राशि का का उपयोग करने में राजस्थान के पिछड़ने के केन्द्रीय खान मंत्री शीश राम ओला के आरोप को सिरे से नकारते हुए कहा कि केन्द्र के मंत्रियों में लगता है, तालमेल का अभाव है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने हाल ही में देश भर के अखबारों में विज्ञापन दिए हैं जिनमें राजस्थान को पहले नंबर पर बताया गया है। ओला ने गुरुवार को आरोप लगाया था कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत केन्द्र सरकार ने 91 हजार शिक्षकों की भर्ती करने को कहा था लेकिन राजस्थान ने 36 हजार शिक्षक ही भर्ती किए।